प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा मिर्जापुर के नोडल अधिकारी पार्थ सारथी सेन ने बृहस्पतिवार को जिले के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने अष्टभुजा निरीक्षण गृह में मंडल के तीनों जिलों के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को प्रत्येक प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की मौजूदगी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
प्रमुख सचिव ने अधिकारियों से कहा कि अस्पतालों में उपलब्ध सभी मशीनें क्रियाशील होनी चाहिए। जांच के दौरान मशीन क्रियाशील नहीं मिलने पर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। ये भी कहा कि भ्रमण के दौरान जो भी निर्देश दिये जाएं, उसका शत प्रतिशत अनुपालन कराते हुये समय से आख्या उपलब्ध कराएं। इसमें गलत रिपोर्टिंग करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी।
प्रमुख सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक पीएचसी व सीएचसी में सुबह 10 से 12 बजे तक कम से एक चिकित्सक के अनिवार्य रूप से बैठे, ये व्यवस्था सुनिश्चित कराएं। अस्पतालों में आने वाले मरीजों को ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से संबंधित विशेषज्ञ से वार्ता कर टेली मेडिसिन सेवा से जोड़ने का निर्देश भी दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अस्पताल में किसी उपकरण आदि की जरूरत हो तो रोगी कल्याण समिति में उपलब्ध धनराशि से खरीद किए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। यह भी कहा कि उपकरण आदि खरीदने से पहले जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में उसका अनुमोदन अवश्य कराएं।
आयुष्मान भारत की समीक्षा के दौरान सोनभद्र की प्रगति संतोषजनक मिली, लेकिन भदोही एवं मिर्जापुर की धीमी प्रगति पर उन्होंने नाराजगी जताई। मुख्य चिकित्साधिकारियों से उन्होंने कहा कि गांवों में पंचायत सहायकों को आईडी पासवर्ड जारी कराकर उन्हें योजना में प्रगति लाने के लिए प्रशिक्षित कराएं। साथ ही प्रतिदिन कम से कम तीन हजार गोल्डन कार्ड बनवाना सुनिश्चित कराएं।
उन्होंने दस्तक एवं संचारी रोग अभियान की समीक्षा भी की। अधिकारियों को उन्होंने डेंगू से बचाव व रोकथाम के साथ ही मरीजों के इलाज के लिए समुचित व्यवस्था कराने का निर्देश दिया। कहा कि अस्पताल के डेंगू वार्ड में बेड पर मच्छरदानी व अन्य बुनियादी सुविधाएं हर हाल में उपलब्ध हों। उन्होंने कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक कर मंडल के नामित प्रभारी मंत्री की तरफ से पूर्व में दिये गये निर्देशों के अनुपालन आख्या एवं योजनाओं में हुई प्रगति की भी समीक्षा की।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्रीलक्ष्मी वीएस, अपर जिलाधिकारी शिव प्रताप शुक्ल, नमामि गंगे अमरेंद्र कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक श्रीकांत प्रजापति, विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी भरत लाल सरोज, परियोजना निदेशक अनय मिश्रा, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी शशिकांत, जिला विकास अधिकारी श्रवण कुमार राय, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी अंगद गुप्ता सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
उधर, प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चुनार में एनेस्थीसिया विशेषज्ञ नहीं होने पर अधिकारियों से नाराजगी जताई। साथ ही तत्काल यहां पर एनेस्थीसिया (निष्चेतक) विशेषज्ञ की तैनाती करने का निर्देश दिया। उन्होंने लैब टेक्निशियन नहीं होने के कारण मरीजों को हो रही परेशानी के दृष्टिगत मुख्य चिकित्साधिकारी को यहां अविलंब लैब टेक्निशियन की तैनाती का भी निर्देश दिया। उन्होंने जांच लैब, टेलीमेडिसिन कक्ष आदि का निरीक्षण किया। चिकित्साधिकारी कक्ष में पहुंचकर उन्होंने डॉ. एसके सिंह से ओपीडी के बारे में जानकारी ली। दंत चिकित्सक डॉ. वाईएस से मरीजों को दी जाने वाली सुविधा के बारे में पूछा और रजिस्टर का अवलोकन भी किया। उन्होंने सीडीओ से वार्ड में भर्ती मरीजों के लिए भोजन का स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से कराने के लिए कहा। निरीक्षण के दौरान नायब तहसीलदार अरुण कुमार यादव, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. यूएन सिंह, डॉ. निहारिका दूबे, डॉ. शिवेंद्र प्रताप आदि मौजूद रहे।
प्रमुख सचिव ने सिटी विकास खंड के मसारी स्थित आयुष्मान भारत वेलनेस सेंटर का निरीक्षण किया। वेलनेस सेंटर में उपस्थित एमओआईसी व अन्य स्टाफ से ई-संजीवनी प्रक्रिया व टेली मेडिसिन आदि के बारे में जानकारी ली। इस दौरान आशा कार्यकर्ताओं से वार्ता कर उनके द्वारा भरे जाने वाले रजिस्टर का भी अवलोकन किया। रजिस्टर में सभी कॉलम नहीं भरे जाने पर उन्होंने एमओआईसी से नाराजगी जताई।