चुनार। रैपुरिया गांव में रविवार की रात खेत की रखवाली कर रहे मां और बेटे पर लकडबग्घे ने हमला कर घायल कर दिया। मां और बेटे को बचाने के लिए लाठ-डंडे लेकर दौड़े ग्रामीणों ने लकड़बग्घे को घेरकर मार गिराया। जानकारी मिलने पर सोमवार को सुबह वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।
रैपुरिया गांव निवासी गजानंद सोनकर की पत्नी गीता देवी (50) व पुत्र मनीष (20) खेत में बने मकान के बरामदे में रविवार की रात रुककर रखवाली कर रहे थे। आधी रात में लकडबग्धे ने अचानक मां और बेटे पर हमला कर दिया। बचाव के लिए चीखने-चिल्लाने पर लाठी-डंडाें से लैस ग्रामीणों ने घर को चारों तरफ से घेरकर लकड़बग्घे को मार गिराया। रात में घायल अवस्था में मां और बेटे को ग्रामीण लेकर पीएचसी पहुंचे। जहां डॉक्टर ने इलाज के बाद दोनों को घर भेज दिया। उधर, लकड़बग्घा के मारे जाने पर सुबह देखने वालों की भीड़ लगी रही। जंगली जानवर के मारे जाने की सूचना पर सोमवार को सुबह मौके पर रेंजर आनंद शेखर के नेतृत्व में वनकर्मियों की टीम पहुंची। डीएफओ अरविंद राज मिश्रा का कहना है कि लकड़बग्घे को ग्रामीणों ने नहीं, बल्कि गांव के कुत्तों ने नोचकर मार डाला। डीएफओ ने कहा कि पोस्टमार्टम कराने के बाद लकड़बग्घे को दफन कर दिया गया।