जिले में मंगलवार को मुहर्रम परंपरागत तरीके से मनाया गया। जगह-जगह से उठाए गए ताजियों को पास के कर्बला में दफन किया गया। ताजिए के साथ चल रहे युवाओं ने लाठी, डंडे आदि से फने सिपहगीरी का प्रदर्शन किया।
नगर में सत्ती रोड स्थित बड़ा ताजिया फतेह खां के बाड़ा से दोपहर लगभग 12 बजे के आसपास उठाया गया। उसके पीछे नगर के अन्य ताजिए थे। सभी ताजिया बाड़ा फतेह खां से निकलकर टेढ़ीनीम, नारघाट चौराहा, बसंत विद्यालय, बल्ली का अड्डा होते हुए इमामबाड़ा कर्बला पहुंचे। जहां इनको दफन किया गया। नगर में प्रमुख रूप से 11 की संख्या में इमाम चौक पर ताजिया बैठाए जाते हैं। चुनार क्षेत्र के सराय टेकौर, दरगाह शरीफ, बालूघाट, भरपुर, गंगेश्वरनाथ, मोचीटोला सददूपुर, सरैया सिकंदरपुर आदि इमाम चौक से ताजियादारों ने ताजिये को उठाया और जुलूस की शक्ल में नगर भ्रमण किया। इमाम चौक से उठाये गये सभी ताजिए पहले कोतवाली के पास एकत्र किए हुए। उसके बाद सभी कदम रसूल पहुंचे। जहां ताजिया मिलन के साथ निर्धारित मार्ग से ताजिया चौक बाजार पहुंचा। इस दौरान काफी देर तक ताजियादारों ने मुख्य बाजार में लाठी डंडे का करतब दिखाया। ताजियादारों के साथ पालिका अध्यक्ष मसूर अहमद भी थे और उन्होंने ताजियादारों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। जुलूस के दौरान चौक बाजार में पुलिस उपाधीक्षक रामानंद राय के नेतृत्व में कोतवाल त्रिवेणी लाल सेन भारी पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। दोपहर में गंगेश्वरनाथ स्थित नवाब साहब के बाड़ा से दुलदुल का जुलूस निकाला गया। जिसमें भारी संख्या में लोग मातम करते हुए कर्बला पहुंचे और मिट्टी दी।