मिर्जापुर। देहात कोतवाली क्षेत्र के नकहरा रोड पर आठ वर्ष पहले हुई विवाहिता की मौत के मामले की सुनवाई करते हुए अपर जिला व सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट वायुनंदन मिश्र ने आरोपी पति को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 50 हजार के अर्थदंड से दंंडित भी किया है।
जिगना थाना क्षेत्र के बिहसड़ा कला गांव निवासी कंचन लाल सेठ ने तहरीर देकर बताया कि 10 फरवरी 2015 को पुत्री ज्योति की शादी देहात कोतवाली क्षेत्र के नकहरा रोड निवासी संजय सेठ के साथ की थी। दहेज भी दिया गया था, परंतु विपक्षी संतुष्ट नहीं थे। इसके बाद उसकी पुत्री को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगे। ससुराल वाले उसे मारते-पीटते थे। दो मार्च 2017 को पुत्री को विदा कराने उसकी ससुराल गए तो पता चला कि दहेज को लेकर ससुराल वाले मारे-पीटे हैं। अगले दिन नकहरा नई बस्ती गांव वालों से पता चला कि पुत्री की गला दबाकर हत्या कर दी गई है। पुलिस तहरीर के आधार पर पति समेत ससुराल के अन्य लोगों पर दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया। विवेचना कर पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता काशीनाथ दुबे ने गवाह और साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत कर आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिए जाने की मांग की।
गवाहों के बयान और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर अपर जिला व सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट वायुनंदन मिश्र ने सास-ससुर को दहेज हत्या में दोषमुक्त कर दिया। पति को हत्या करने के मामले में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 50 हजार के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न जमा करने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। अर्थदंड का 90 प्रतिशत हिस्सा मृतका के बालिग पुत्र को देने का आदेश दिया।