शहर कोतवाली के फतहां मोहल्ले में महिला की दहेज हत्या मामले की सुनवाई करते हुए जनपद न्यायाधीश शिव कुमार प्रथम ने दोषसिद्ध पाते हुए पति को आजीवन कारावास और सास को 10 वर्ष कैद की सजा सुनायी। मामले में तीसरे आरोपी मामा ससुर को दहेज हत्या के आरोप से दोषमुक्त किया गया। उनको अन्य धाराओं में दोषी पाए जाने पर अर्थदंड से दंडित किया। शहर कोतवाली क्षेत्र के फतहां मोहल्ले में एक विवाहिता की संदिग्ध मौत हो गई। ससुराल वालों ने दहेज हत्या का आरोप लगाया। अदलहाट थाना क्षेत्र के बघोड़ा निवासी मुकेश कुमार सिंह ने 15 अप्रैल 2016 को शहर कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि अपनी भतीजी निकिता सिंह का विवाह जितेंद्र कुमार सिंह उर्फ विकास पुत्र स्व. राजपत राम सिंह निवासी डंगहरिया थाना मिर्जामुराद वाराणसी के साथ किया। शादी के दूसरे दिन भतीजी के ससुराल वालों ने मिर्जापुर में जमीन खरीदने के लिए पांच लाख रुपये की मांग की। दहेज की मांग पूरी न होने पर मारते-पीटते थे। जितेंद्र मिर्जापुर में पीडब्ल्यूडी विभाग में क्लर्क के पद पर तैनात था। 28 मई 2017 को सरकारी आवास में गला दबाकर निकिता की हत्या कर दिया गया। मुकेश की तहरीर पर शहर कोतवाली पुलिस ने पति जितेंद्र, सास इंद्रावती मामा ससुर अमित कुमार सिंह पर दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने विवेचना कर आरोप पत्र दाखिल किया। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी आलोक कुमार राय ने सात गवाहों को परीक्षित कराकर पत्रावली प्रस्तुत किया। गवाहों के बयान और पत्रावली पर मौजूद साक्ष्य को देखते हुए जिलाजज शिव कुमार प्रथम ने पति जितेंद्र को आजीवन करावास, सास इंद्रावती को 10 वर्ष कैद की सजा सुनायी। मामा ससुर अमित कुमार सिंह को दहेज हत्या से दोषमुक्त कर दिया।