अहरौरा। भोजन की आस और बीमार मां के इलाज का बोझ कंधे पर लिए तीन दिन से भूखा 7 वर्षीय बच्चे की वर्दी से उम्मीद जगी। वह बुधवार को इमलिया चट्टी पुलिस चौकी पर पहुंचा और दहाड़ें मारकर रोने लगा। पूछने पर उसने बताया कि साहब बहुत तेज भूख लगी है। मामला इमलियां चट्टी के पटिहटा गांव निवासी सुदामा का है।
बुधवार को अचानक पुलिस चौकी पहुंचे बच्चे को बिलख-बिलख कर रोते देख पुलिसकर्मियों के दिल पसीज गए। तीन दिन से भूखे सुदामा ने रोते हुए पुलिस चौकी प्रभारी दिलीप गुप्ता तथा आरक्षियों को अपनी व्यथा सुनाई। पुलिस कर्मियों ने पास स्थित एक दुकान से कुछ नाश्ता आदि मंगाकर खिलाया। पेट की आग बुझने पर बच्चे ने पुलिसकर्मियों के पूछने पर सिसकते हुए बताया कि तीन वर्ष पहले उसके पिता की मौत हो चुकी है। मां मानसिक रूप से बीमार है। गांव का कच्चा मकान भी गिर चुका है। उसका और उसकी माता को रात बिताने के लिए काली जी का मंदिर ही एकमात्र सहारा है। चौकी प्रभारी ने दरियादिली दिखाते हुए बच्चे और उसकी मां के रहने की व्यवस्था कराए जाने की बात कही। वहीं एबीएसए अरुण सिंह ने बच्चे के स्कूल बैग, पढ़ाई की व्यवस्था तथा आर्थिक सहयोग करने का भरोसा दिया। आरक्षी भानु प्रताप सिंह, अजय यादव, कृष्ण सिंह आदि ने भी आर्थिक मदद की।