मिर्जापुर। मां विंध्यवासिनी स्व शासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध मंडलीय अस्पताल में सोमवार को एक युवक का पहली बार कूल्हे का प्रत्यारोपण किया गया। ऑपरेशन के बाद युवक स्वस्थ है। अस्पताल में सफल और नि:शुल्क ऑपरेशन से गरीब को आर्थिक समस्या का सामना नहीं करना पड़ा। इसी ऑपरेशन में निजी अस्पतालों में डेढ़ से दो लाख रुपये तक खर्च हो सकते थे।
एसआईसी डाॅ. तरुण सिंह ने बताया कि विंध्याचल के नवगवां निवासी राहुल सरोज (26) का तीन वर्ष पहले कूल्हा टूट गया था। उसका उन्होंने ऑपरेशन नहीं कराया था। इस कारण से उनका दाहिना पैर पांच सेमी छोटा हो गया था। उन्हें चलने-फिरने में परेशानी हो रही थी। बराबर दर्द होता था। उन्होंने मंडलीय अस्पताल आकर डाॅ. राजकुमार को दिखाया। इसके बाद उनको सोमवार को ऑपरेशन के लिए बुलाया गया। मेडिकल काॅलेज के प्राचार्य डाॅ. आरबी कमल के निर्देशन में मिर्जापुर में पहली बार कूल्हे का प्रत्यारोपण का सफल ऑपरेशन किया गया। सफल प्रत्यारोपण करने वाली टीम में हड्डी रोग विशेषज्ञ व सर्जन डाॅ. राजकुमार, डाॅ. प्रतीक पाठक, डाॅ. संतोष सिंह आदि शामिल रहे।