फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mirzapur News: हरे रामा रिमझिम बरसे पनिया, कि झूले राधा रनिया ए हरी...

विज्ञापन
पावस महिला काव्य गोष्ठी में उप​स्थित महिलाएं।  - फोटो : संवाद
विज्ञापन
मिर्जापुर। राष्ट्र कवि मैथिली शरण गुप्त की जयंती पर हिंदी श्री साहित्य संस्थान के तत्वावधान में रविवार को अनगढ़ स्थित एक हाल में पावस महिला काव्य गोष्ठी का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि डा. उषा कनक पाठक व अध्यक्ष नीलम देवी ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सरस्वती वंदना की प्रस्तुति वंदना गुप्ता ने की। इसके बाद शुरू हुआ कजरी गायन। मुख्य अतिथि ने कइसे खेलन जइबू सावन में कजरिया सुनाया। नंदिनी वर्मा ने चला देखी आई सावन के मेला सखी। बड़ा मन करेला सखी। इला जायसवाल ने हरे रामा रिमझिम बरसे पनिया, कि झूले राधा रनिया ए हरी। कल्पना गुप्ता ने बहुतय दर्द होला कृष्ण कन्हैया, कलाई जिन मरोड़ा हे बनवारी सुनाया। कार्यक्रम में सुमन, सावित्री कुमारी, अमिका सिंह, दिव्या सिंह, उर्मिला, साधना पाठक, मोहिनी, तान्या कुलश्रेष्ठ, नुसरत जमाल, पूनम सिंह, पूनम, प्रीति सोनकर, चंदा देवी, साधना वर्मा ने कजरी गीत सुनाया। संचालन सृष्टि राज व धन्यवाद सावित्री कुमारी ने दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें