कई दिनों से आसमान में उमड़-घुमड़ रहे बादलों के बीच शुक्रवार को कुछ क्षेत्रों में आंधी-पानी के साथ ओले भी पड़े। इससे तापमान लुढ़क गया है। गर्मी से लोगों को थोड़ी बहुत राहत जरूर मिली है, लेकिन फसलों की कटाई और मड़ाई का कार्य प्रभावित हो गया है।
जिले में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। जबकि एक दिन पहले बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस रहा। मंगलवार को क्षेत्र में आए आंधी और तूफान से लोग उबर भी नहीं पाए कि शुक्रवार को भी दोपहर बाद तीन बजे अचानक आंधी-पानी के बीच छोटे-छोटे ओले गिरने से गेहूं, सरसों, मसूर, अरहर, चने की फसल का नुकसान हुआ। बारिश के चलते कटाई और मड़ाई का कार्य बाधित हो गया। सिकटा, अहुगी कला, अहुगी खुर्द, पुरवाअवसान सिंह, चक्कोटार, राजपुर, सोनगढ़ा ,हथेडा, महुगढ आदि सहित दर्जनों गांव में अचानक बूंदाबांदी और ओला गिरने से किसानों की चिंता बढ़ गई। आंधी के चलते पहले से काटकर रखे गेहूं के डंठल हवा में उड़ने से किसानों का काफी नुकसान हुआ है।
बादल दिखेंगे, तेज बारिश की गुंजाइश नहीं
जिले में इधर दो-तीन दिन तक आसमान में बादल रहेंगे, लेकिन तेज बारिश की कोई गुंजाइश नहीं है। मौसम पूर्वानुमान के आधार पर शुक्रवार को ग्रामीण कृषि मौसम सेवा भू-भौतिकी विभाग बीएचयू, वाराणसी के नोडल अधिकारी प्रो. रवि शंकर सिंह व तकनीकी अधिकारी (मौसम वैज्ञानिक) शिव मंगल सिंह ने बताया आने वाले दो-तीन दिनों तक आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। लेकिन तेज बारिश की कोई संभावना नहीं है।