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गुप्त नवरात्र : दूसरे दिन मां विंध्यवासिनी के दरबार में श्रद्धालुओं का लगा रहा तांता

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गुप्त नवरात्र के दूसरे दिन मंगलवार को मां विंध्यवासिनी देवी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। भक्तों ने मां विंध्यवासिनी के चरणों में मत्था टेककर सुख और समृद्धि की कामना की। मंगलवार की भोर में मंगला आरती के बाद से शुरू हुआ पूजन-अर्चन का सिलसिला देर रात तक चलता रहा। घंटा, घड़ियाल, शंख की ध्वनि से धाम गुंजायमान रहा। धर्मगुरू त्रियोगी नारायण उर्फ मिट्ठू मिश्र ने बताया कि देवी उपासकों के लिए गुप्त नवरात्र का विशेष महत्व है। साधक इन नौ दिनों में मां विंध्यवासिनी देवी का पूजन, यज्ञ-अनुष्ठान नवरात्र की तरह ही करते हैं। बताया कि इस बार माघ मास का गुप्त नवरात्र 19 जनवरी से 27 जनवरी तक रहेगा। चैत्र मास के नवरात्र को वासंतिक, अश्विन नवरात्र को शारदीय, आषाढ़ मास के नवरात्र को आषाढ़ीय तथा पौष मास के नवरात्र को शाकंभरी नवरात्र तथा माघ मास में माघी नवरात्र मनाया जाता है। गुप्त नवरात्र में साधक मां विंध्यवासिनी की विशेष रूप से आराधना करते हैं। कहा गुप्त नवरात्र में देवता, गंधर्व, यक्ष एवं किन्नर सभी देवी की आराधना करते हैं। विंध्याचल। गुप्त नवरात्र के दूसरे दिन मंगलवार को साधक मां विंध्यवासिनी मंदिर छत पर जगह-जगह साधना में तल्लीन नजर आए। यज्ञ-अनुष्ठान चलते रहे। मंदिर की छत पर परिक्रमा पथ पर बैठे साधक दुर्गा सप्तशती पाठ, मां विंध्यवासिनी चालिसा पाठ करते रहे। साथ ही समय-समय पर माता की आरती के समय मंदिर वैदिक मंत्रोच्चारण से गुंजायमान रहा। यह क्रम भोर से लेकर देर रात तक चलता रहा।
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