श्रीराम जन्म भूमि के न्यास ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय ने बृहस्पतिवार को सुबह मां विंध्यवासिनी का दर्शन-पूजन किया। विंध्याचल पहुंचने पर एक होटल में कुछ देर विश्राम करने के पश्चात पुरानी वीआईपी मार्ग होते हुए वे मां विंध्यवासिनी मंदिर पहुंचे। उन्होंने गणेश द्वार से प्रवेश कर गर्भ गृह में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने बताया कि मंदिर का भूतल दिसंबर 2023 तक बनकर तैयार हो जाएगा।
दर्शन-पूजन के बाद पत्रकारों के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने अयोध्या में श्रीराम जन्म भूमि में चल रहे निर्माण कार्य के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि श्रीराम जन्म भूमि मंदिर का भूतल दिसंबर 2023 तक तैयार हो जाएगा। मंदिर के भूतल की लंबाई 350 फीट, चौड़ाई 250 फीट व ऊंचाई 20 फीट के अलावा 160 से अधिक खंभे दिसंबर 2023 तक लग जाएंगे। उसके बाद भी निर्माण कार्य जारी रहेगा।
उन्होंने बताया कि भूतल में भगवान श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा हो जायेगी। विंध्याचल आने के बारे में उन्होंने कहा कि बहुत दिनों से किसी भी धार्मिक स्थल अथवा कार्यक्रम में नहीं जा पाए थे। मां भगवती की कृपा बनी और उन्हें मां के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ। मंदिर निर्माण को लेकर हो रही आलोचनाओं पर उन्होंने कहा कि जो कह रहे हैं, उनको अवसर मिला है, वे बोलें। माता उनकी वाणी को और शक्ति प्रदान करें।
उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों में कॉरिडोर का मतलब मंदिर के सामने खुले मैदान से है। उसका कोई दूसरा अर्थ नहीं है। ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालुओं के लिए दर्शन-पूजन की सुगम व्यवस्था की जा सके। श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर बना तो मां गंगा से लेकर मंदिर तक विशाल क्षेत्र खाली हो गया। भक्त दर्शन पूजन कर अलग अनुभूति कर रहे हैं। इस दौरान पंकज कुमार, मुकेश कुमार, उमाकांत, रामचंद्र शुक्ल, महेंद्र पांडेय आदि मौजूद रहे।