विंध्याचल। रेलवे स्टेशन विंध्याचल पर रविवार को देर रात करीब ढाई बजे त्रिवेणी एक्सप्रेस से उतरते समय ट्रेन चल दी। इससे ट्रेन से पौत्र को गोद में लेकर उतर रहीं दादी पैर फिसलने से नीचे चली गईं। शोर मचाने पर ट्रेन रुकी, तब तक ट्रेन की चपेट में आकर बालक की मौके पर ही मौत हो गई और दादी गंभीर रूप से घायल हो गईं। घायल दादी को उपचार के लिए सीएचसी ले जाया गया। वहां से मंडलीय अस्पताल रेफर किया गया। जहां डाॅक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मां विंध्यवासिनी का दर्शन करने के लिए आए परिवार में दो मौत से कोहराम मच गया।
रायबरेली जिले के नसीराबाद थाना क्षेत्र के किया रामपुर गांव निवासी रामकली अपने पुत्र, पुत्री, परिवार के अन्य सदस्यों और पड़ोसी के साथ रविवार की शाम छह बजे ट्रेन में सवार होकर मां विंध्यवासिनी का दर्शन करने के लिए निकली थीं। ट्रेन में रामकली (65) के साथ उनके पुत्र रामप्रकाश (40), फूलचंद (34), सरवन (22), करन (19), सीता (23), रामकली (38), नंदनी (14), रागिनी (7), धीरज (6), अनमोल (6), रम्मन (4) व पड़ोस की महिला अपने पुत्र के साथ थीं। कुल 14 लोग मां विंध्यवासिनी का दर्शन करने आ रहे थे।
ट्रेन रविवार को देर रात करीब ढाई बजे विंध्याचल रेलवे स्टेशन पर पहुंची। ट्रेन रुकने पर परिवार के सभी सदस्य उतरने लगे। अंत में रामकली गोद में रम्मन को लेकर उतर रही थीं। इसी बीच ट्रेन चलने लगी। इससे रामकली का पैर फिसल गया। पैर फिसलने से वे प्लेटफार्म और ट्रेन के बीच खाली स्थान में गिरकर ट्रेन की चपेट में आ गईं। लोगों ने शोर मचाया तो ट्रेन रुकी। तब तक ट्रेन से कटकर बालक रम्मन की मौत हो गई थी। रामकली गंभीर रूप से घायल हो गईं। उनको उपचार के लिए सीएचसी ले जाया गया। वहां से उनको मंडलीय अस्पताल रेफर किया गया। मंडलीय अस्पताल पहुंचने पर डाॅक्टर ने उनको मृत घोषित कर दिया। मौत से परिवार में कोहराम मच गया। जीआरपी ने दोनों शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। विंध्याचल जीआरपी प्रभारी राजेंद्र यादव ने बताया कि त्रिवेणी एक्सप्रेस ट्रेन से उतरते समय हादसा हुआ है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।