मिर्जापुर। परिवहन निगम की बड़ी संख्या में बसें विधानसभा क्षेत्र छानबे विधानसभा के उप चुनाव और निकाय चुनाव में लगा दी गई हैं। ऐसे में मिर्जापुर डिपो के बेड़े में 36 बसों की कटौती की गई है, जिससे रोडवेज की व्यवस्था चरमरा गई है। यात्रियों को घंटों धूप में इंतजार करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा समस्या सोनभद्र, घोरावल रूट के यात्रियों को हो रही है। रोडवेज बस अड्डे पर यात्रियों को घंटों बसों का इंतजार करते देखा जा सकता है। जैसे ही कोई बस बस अड्डे में आती है, उसमें बैठने के लिए यात्री टूट पड़ते हैं। धक्कामुक्की के बाद किसी तरह सीट मिलती है। सबसे ज्यादा समस्या महिला, बुजुर्ग और बच्चों को झेलना पड़ रहा है। जिले में 10 मई को विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव होना है। अगले ही दिन 11 मई को जिले के तीन नगरपालिका और एक नगर पंचायत में निकाय चुनाव होना है। चुनाव के मद्देनजर जिले ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स एक पखवारा पहले से जिले में आ गई है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स को जिले भर में भ्रमण करने के लिए रोडवेज की बस उपलब्ध कराई गई है। इसमें मिर्जापुर डिपों से केंद्रीय बल को 20 बसें उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा प्रयागराज डिपों से भी 22 बसे मंगाई गई हैं। मिर्जापुर डिपो की 16 बसें होमगार्ड विभाग को दिया गया है, जो अन्य जिलों में चुनाव कराने के लिए गई है। मिर्जापुर डिपो में 63 बसे हैं। इसमें 36 बसें चुनाव में लगा दी गई हैं। मिर्जापुर रोडवेज से बनारस, प्रयागराज व सोनभद्र रूट पर यात्री अधिक सफर करते हैं। इन रूटों पर जाने वाले यात्रियों को बस के लिए दो से तीन घंटे इंतजार करना पड़ रहा है। यह समस्या कई दिनों से चली आ रही है। शुक्रवार को भी काफी संख्या में यात्री रोडवेज पर बसों के इंतजार के लिए बैठे रहे। गर्मी के मौसम में एक तो बसों के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, ऊपर से रोडवेज परिसर में बैठने के लिए भी पर्याप्त सुविधा नहीं है। जिससे यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। रोडवेज प्रशासन की मानें तो इस समय लंबे रूट की बसों को लोकल रूटों पर लगाया गया है। लखनऊ व कानपुर के लिए सिर्फ एक-एक बस है। ज्यादातर बसें प्रयागराज, सोनभद्र और वाराणसी रूट पर लगी हैं।