रक्षाबंधन पर्व पर भाई को राखी बांधने मायके आई बहन की पुत्री बृहस्पतिवार को दोपहर में लतीफपुर नहर में नहाने के दौरान डूब गई। जानकारी होने पर परिजनों ने खोजबीन कर मासूम को बाहर निकाला, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मौत से परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने पुलिस को पोस्टमार्टम नहीं कराने का प्रार्थना पत्र देकर अंतिम संस्कार कर दिया।
राजगढ़ के नदीहार गांव निवासी मौसमी देवी पत्नी चंद्रशेखर प्रसाद अपने भाई को राखी बांधने के लिए बुधवार की शाम लतीफपुर गांव स्थित मायके पहुंची थीं। बृहस्पतिवार को उनकी सात वर्ष की पुत्री अंकिता दो अन्य बच्चों के साथ घर से 20 मीटर की दूरी पर स्थित लखनिया दरी से अहरौरा जलाशय को निकली लतीफपुर नहर में नहाने चली गई। इसी दौरान गहरे पानी में जाने की वजह से तीनों बच्चे डूबने लगे। हाथ-पैर मार कर किसी तरह दो बच्चे किनारे पहुंच कर डूबने से बचे, परंतु छोटी बच्ची अंकिता अपने को बचा नहीं सकी। वह नहर के गहरे पानी में डूब गई। ननिहाल के लोगों को जब हादसे की जानकारी हुई तो आनन-फानन में मौके पर पहुंचे नहर में खोजबीन शुरू की। खोजबीन कर बालिका को बाहर निकाला गया, तब तक उसकी मौत हो गई थी। बालिका की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। घर वालों ने हादसे की सूचना पुलिस को देकर शव का पोस्टमार्टम नहीं कराने का अनुरोध किया। पंचनामा के बाद परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए लेकर चले गए।