समस्या को देखते हुए घाटों को पक्का बनाने के लिए जिलाधिकारी ने पहल की। उन्होंने हाल ही में लखनऊ में मुख्यमंत्री से मुलाकात की और विंध्य कॉरिडोर की प्रगति से अवगत कराया। साथ ही गंगा घाट के विकास से जुड़ी योजना पर भी चर्चा की। मुख्यमंत्री ने इसको लेकर सैद्धांतिक सहमति भी दे दी है।
सिंचाई विभाग ने प्रस्ताव बनाकर भेज दिया है। जल्द ही प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। घाट बन जाने के बाद विंध्य कॉरिडोर की खूबसूरती बढ़ने के साथ ही भीड़ के दौरान मुख्य मार्ग के विकल्प के रूप में घाटों के पाथ वे का प्रयोग किया जा सकेगा। साथ ही पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। जल परिवहन का रास्ता भी खुलेगा।
योजना के तहत मलहिया घाट, अखाड़ा घाट, गुदारा घाट, इमली घाट, भैरव घाट, परशुराम घाट, बाबू घाट, पक्का घाट ,कच्चा घाट, चिकान घाट ,बलुआ घाट, दीवान घाट, राजा घाट, फुलवरिया घाट को पक्का कराया जाएगा।
जिलाधिकारी दिव्या मित्तल का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के दौरान घाट से जुड़ी योजना पर चर्चा कीगई थी। करीब 1500 मीटर पाथ वे और 600 मीटर पक्का घाट बनाने की योजना है। सिंचाई विभाग के माध्यम से प्रस्ताव बनाकर भेज दिया गया है। इससे घाटों में निरंतरता आ जाएगी और कटान भी रुकेगा।