मिर्जापुर। बारिश के बीच रविवार को गंगा उफान पर रहीं। साथ ही इसकी सहायक नदियों में तेज बहाव रहा। रविवार को दोपहर 12 बजे नौ सेंटीमीटर की रफ्तार से गंगा के जलस्तर में वृद्धि होने से तटवर्ती इलाकों के लोग चिंतित रहे। हालांकि शाम चार बजे गंगा के जलस्तर में वृद्धि में एक सेंटीमीटर की आई कमी से लोगों ने राहत की सांस ली। शाम चार बजे गंगा के जलस्तर में 8 सेंटीमीटर की रफ्तार से वृद्धि होने लगी। इसके बाद रात आठ बजे इसमें और कमी आ गई। रात आठ बजे से गंगा के जलस्तर में 6.25 सेंटीमीटर की रफ्तार से वृद्धि जारी रही।
रविवार को गंगा का जलस्तर शाम चार बजे 72.82 मीटर पर रहा, जबकि वर्ष 2022 में गंगा का जलस्तर 78.724 मीटर पर था। रात आठ बजे जल स्तर 73.07 मीटर पर पहुंच गया। चेतावनी बिंदु 76.724 मीटर और खतरे का निशान 77.724 पर है। सबसे अधिक नौ सितंबर 1978 को जलस्तर 80.34 मीटर दर्ज किया गया था। बाढ़ की स्थिति पैदा होने पर छानबे और कोन विकास खंड के कई गांव इसकी चपेट में आते हैं। इसके अलावा सीखड़ क्षेत्र में किसानों की फसल बाढ़ के पानी से बर्बाद हो जाती है। बाढ़ की संभावनाओं को देखते हुए कुल 37 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। इनमें सदर तहसील क्षेत्र में 14 व चुनार में 23 बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं।