मिर्जापुर। हलिया थाना क्षेत्र में नाबालिग को मारने-पीटने, अपशब्दों का प्रयोग करने और निर्वस्त्र करने के मामले में दोषसिद्ध होने पर विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट संतोष कुमार त्रिपाठी ने चार आरोपियों को तीन-तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 8500 रुपये के अर्थदंड से दंडित भी किया है।
हलिया थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने आठ जुलाई 2015 को थाने में तहरीर देकर बताया कि उसकी मां, पत्नी, पुत्र और पुत्री घर में बैठ कर बात कर रहे थे। विपक्षी जमीन संबंधी विवाद में घर पर आए। इसके बाद विपक्षियों ने घर में घुसकर परिजनों की पिटाई की। पुत्री का कपड़ा फाड़कर उसके साथ छेड़खानी की। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। एसपी ने हलिया पुलिस व पैरवी सेल को निर्देशित करते हुए गुणवत्तापूर्ण व प्रभावी पैरवी कराई। अभियोजन अधिकारी सनातन कुमार, विवेचक उप निरीक्षक अकरम खां द्वारा प्रभावी पैरवी की गई। अधिवक्ताओं की दलीलें और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर न्यायालय विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट संतोष कुमार त्रिपाठी ने आरोपियों को पाॅक्सो एक्ट में दोषी पाते हुए रंगलाल उर्फ रंगनाथ चौरसिया, रामलाल चौरसिया, रमाशंकर चौरसिया, पंकज चौरसिया को तीन-तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 8500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।