नगर के लाल डिग्गी रोड पर घना कोहरा।
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मिर्जापुर। तापमान में गिरावट के चलते मंगलवार को कोहरे और शीतलहर ने लोगों को ठिठुरा दिया। लोग घरो ंसे बाहर नहीं निकले। जो निकले उन्होंने अलाव का सहारा लिया। बाजारों में सन्नाटा रहा। कोहरे के चलते वाहन हेड लाइट चला कर चलते रहे। हालांकि दोपहर बाद हल्की धूप हुई। लेकिन फिर ठंड और गलन ने डेरा डाल दिया। नगर में ठंड ने लोगों को बेहाल कर दिया है। घरों में लोग रजाइयों में दुबके रहे। सार्वजनिक स्थानों पर अलाव न होने से राहगीर परेशान रहे। रेलवे स्टेशन बस स्टैंडों पर यात्री ठंड से ठिठुरते रहे। हर दस कदम पर लोग आग जलाकर ठंड से निजात पाने की जुगत में लगे रहे। सदर, लालगंज, चुनार व मड़िहान तहसील क्षेत्र में अलाव की व्यवस्था न होने से चट्टी और चौराहों पर राहगीर सहित यात्री ठिठुरते दिखे। जिगना : शीतलहर व घने कोहरे के चलते चट्टी चौराहों पर स्थित बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। ग्राम प्रधान गौरा, गोनौरा, गोगांव, मनिकठा, बदेवरा, बिहसडाकला, खम्हरिया कला, विजयपुर, रायपुर, जोपा, भैदपुर, नदिनी, आदमपुर, कुरौठी पांडेय, भौरुपुर अजगना, हरगढ़, मिश्रपुर, कोलाही, धौरहरा, सिंधुरिया, गोडसर पांडेय, विरौरा, बीजरकला ने अलाव व्यवस्था की। हलिया : चट्टी चौराहों पर कहीं भी अलाव नहीं दिखा। ईश दत्त दुबे, लल्लन तिवारी, सत्यनारायण तिवारी, श्याम नारायण तिवारी ने अलाव जलवाने की मांग की है। कोहरे और बादलों के बीच आने वाले दो से तीन दिनों में मौसम विभाग ने हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। जिससे न्यूनतम और अधिकतम तापमान में गिरावट हो सकती है। ग्रामीण कृषि मौसम सेवा बीएचयू वाराणसी के नोडल अधिकारी प्रो. आरके मल्ल व शिव मंगल सिंह ने बताया कि आने वाले दिनों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में गिरावट हो सकती है। जिससे ठंड और गलन बढ़ेगी। आसमान में बादल छाए रहेंगे। 23 तारीख को हल्की बारिश होगी। कोहरे के चलते विशेषकर फूल लिए सरसो और पछेती आलू फसल के लिए खतरा बना हुआ है। पड़ रहे पाला को लेकर आलू, मटर सहित अन्य फसल को लेकर किसान चिंतित हैं। उपकृषि निदेशक अशोक उपाध्याय ने बताया कि सरसो में माहू एवं पत्ती सुरंगक कीट से बचाव के लिए फसलों में एजाडिरेक्टिन0.15 प्रतिशत ई.सी. की 2.5 लीटर मात्रा को 500 से 600 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें। आलू में झुलसा रोग के लिए जिनेब 75 प्रतिशत डब्लू.पी दो किलोग्राम अथवा कॉपर आक्सीक्लोराइड 50 प्रतिशत डब्लू.पी. की 2.5 किलोग्राम की मात्रा प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें।