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तटों की ओर बढ़ रही गंगा

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पक्का घाट में गंगा का दृश्य। - फोटो : MIRZAPUR
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मिर्जापुर। बारिश के चलते गंगा समेत इससे जुड़ी नदियां उफान पर हैं। गंगा में बढ़ रहे पानी से जहां किसान फसलों को लेकर चिंतित हैं तो वहीं तटों पर बसे लोग कटान को लेकर परेशान हो रहे हैं। पिछले वर्ष छानबे क्षेत्र में बाढ से चेहरा, देवरी, मुतलिके गौरा, बजटा, काशीसरपती, हरगढ़, गोगांव, खैरा ,बसेवरा, मिश्रपुर, नगवासी, घुघुटी, दुगौली, डंगहर, कोठरा मिश्रान, परमानपुर, गौरा, भिलगौर, चड़ैचा, नीबी गहरवार, नौगांव, आदमपुर, निफरा, जोपा, नंदिनी, बभनी, भैदपुर, उंचडीह, बबुरा, अकोढी, देवरी, बिरोही, भटेवरा, महडौरा, अरगीसरपत्ती, गोडसर, खम्हरिया कला, रैपुरी, विरौरा आदि गांव के अलावा कोन, सीखड़, पहाड़ी व सिटी विकास खंड में गंगा के किनारे व नदियों के किनारे बसे कई गांव प्रभावित रहे। चुनार तहसील क्षेत्र में गंगा के तटवर्ती इलाके में बसे लोग बाढ़ की संभावना को देखते हुए अपने को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। तटवर्ती इलाके में कटान रोके जाने का अब तक कोई मुकम्मल इंतजामात न होने से किनारे बसे किसान व अन्य लोगों को आने वाले बाढ़ से प्रतिवर्ष भारी क्षति का सामना करना पड़ता है। भौरहीं, समसपुर, बहरामगंज, ऐबकपुर मोहाना, घुमपुर मोहाना, जलालपुर माफी, केशवपुर, बगही, गांगपुर, शिवपुर रैपुरिया, मेड़िया, बसारतपुर चौधरीपुर, अदलपुरा आराजी लाईन सुल्तानपुर, रूदौली, खानपुर, मगरहां, बिदापुर, सीखड सहित अन्य गांव हैं जहां बाढ़ अपना कहर ढाती है। इसी तरह जमालपुर में टेंढ़ुवा, सेमइबारी, बहुआर, बौड़ी, विक्सी व डबक। सीखड़ में पसियाही, डोमनपुर, खैरा, रामगढ़कला, सीखड़, मगरहां व मुइनीदीपुर। नरायनपुर में अदलपुरा, चुनार स्थित संस्कृत विद्यालय, जलालपुरमाफी, बगाही, गांगपुर, भवानीपुर, नकहरा, पटेवर, दर्श, व शेरपुर आदि गांव में प्रतिदिन तटो की ओर बढ़ रहे गंगा को देखकर ग्रामीण समेत किसान पसोपेश में पड़े हुए हैं। छानबे व कोन विकास खंड के किसानों का मानना है कि यदि इस वर्ष बाढ़ का सामना करना पड़ा तो वे कहीं के नहीं रहेंगे।
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