मिर्जापुर। जिले में 10 हजार 860 करोड़ की पांच बड़ी परियोजनाएं हैं जो 2024 में पूरा होंगी। इन बड़ी परियोजनाओं में विंध्य कॉरिडोर, हर घर को नल से जल, अमृत योजना के तहत सीवर लाइन और पेयजल योजना के साथ ही इंजीनियरिंग कॉलेेज का निर्माण शामिल है।
जिले में 331 करोड़ रुपये से विंध्य कॉरिडोर की परियोजना निर्माणाधीन है। इसको इसी साल पूरा होना था। लेकिन अब यह नए वर्ष में ही पूरा होने की उम्मीद है। विंध्य कॉरिडोर का निर्माण अहरौरा के गुलाबी पत्थरों से किया जा रहा है, जिसे राजस्थान के जयपुर के कुशल कारीगर तराशने में जुटे हैं। पत्थर की शिला को राजस्थान भेजा जा रहा है, जयपुर में पत्थर को तराशने के बाद फिर इन्हें मिर्जापुर लाया जा रहा है। इसके लिए 20 मई 2022 तक 522 संपत्तियां खरीदी गई थीं। जिसका 96 करोड़ का मुआवजा भी दिया गया है। यह संपत्ति दो चरणों में खरीदी गई है।
विंध्य कारिडोर प्रोजेक्ट की लागत 331 करोड़
- पुरानी वीआइपी मार्ग का कायाकल्प : 1567 लाख
- दो मंजिला 50 फीट परिक्रमा पथ : 1941 लाख
- वीआइपी गली का कायाकल्प : 662 लाख
- पक्का घाट गली का कायाकल्प : 902 लाख
- कोतवाली रोड का कायाकल्प : 235 लाख
अमृत योजना के तहत पूरी होंगी सीवर व पेयजल परियोजनाएं
अमृत योजना के तहत नगर में 210 करोड़ की सीवर लाइन परियोजना व 193 करोड़ की पेयजल परियोजना पूरी होनी थी लेकिन वह पूरी नहीं हो सकी। मार्च 2024 तक इसके पूरा होने की संभावना बताई जा रही है।
हर घर नल से जल परियोजना
जिले में 2200 करोड़ की हर घर को नल से जल परियोजना संचालित है। कई जगहों पर यह पूरी हो चुकी है, लेकिन एकाध जगहों पर अभी इसका लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल सका है। इसके भी 2024 में पूरी होने की संभावना है।
इंजीनियरिंग कॉलेज से खत्म होगा 15 साल का इंतजार
जिले में 15 वर्षों से लंबित इंजीनियरिंग कॉलेज का निर्माण तीव्र गति से हो रहा है। माना जा रहा है कि वर्ष 2024 में 132 करोड़ की यह परियोजना भी पूरी हो सकती है। कक्षाएं तो सोनभद्र के राजकीय इंजीनियरिंग कालेज में चलने लगी हैं।