मिर्जापुर। एक करोड़ से ज्यादा लागत वाली निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति ठीक नहीं मिलने तथा काम में लापरवाही पर पांच अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। पुलिस आवास निगम, राजकीय निर्माण निगम विंध्याचल तथा राजकीय निर्माण निगम सोनभद्र इकाई के अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। मंडलायुक्त ने बैठक में नहीं आने पर क्रीड़ा अधिकारी तथा पेयजल आपूर्ति की परियोजना के तहत घरों तक कनेक्शन की प्रगति खराब मिलने पर जल निगम के अधिकारी से स्पष्टीकरण मांग लिया है।
मंडलायुक्त ने कार्यालय सभागार में एक करोड़ से ज्यादा लागत वाली निर्माणाधीन परियोजनाओं में हुई प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस आवास निगम द्वारा कराए जा रहे हास्टल व बैरक के निर्माण की धीमी प्रगति पर संबंधित अधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया। पुलिस लाइन में ट्रांजिट हास्टल जी-8 के निर्माण की प्रगति खराब मिलने पर नाराजगी जताने के साथ ही उन्होंने निर्धारित समय में काम पूरा कराने की हिदायत दी। विंध्यवासिनी देवी मंदिर परिसर की गलियों में फसाड के काम में धीमी प्रगति पर उन्होंने उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम की विंध्याचल इकाई के अधिकारी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया। मेडिकल काॅलेज मिर्जापुर में मल्टी परपज हाल व अन्य कार्यों में प्रगति खराब मिलने पर उन्होंने राजकीय निर्माण निगम की सोनभद्र इकाई के अधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया। प्रोजेक्ट कारपोरेशन लिमिटेड के अधिकारी को 50 शैय्या वाले एकीकृत आयुष चिकित्सालय व मेडिकल काॅलेज परिसर की बाउंड्रीवाल तथा सीसी रोड के निर्माण का काम समय से पूरा कराने का निर्देश दिया। उन्होंने मंडल के तीनों सीडीओ को निर्देश दिया कि जो भी कार्यदायी संस्था ठीक ढंग से काम नहीं कर रही हैं, उनको ब्लैक लिस्ट करते हुए प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया। उन्होंने सोनभद्र और भदोही में कार्यदायी संस्थाओं द्वारा कराए जा रहे कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की। साथ ही अधिकारियों को गुणवत्ता ढंग से काम कराकर संबंधित विभाग को हैंडओवर करने का निर्देश दिया। बैठक में सीडीओ विशाल कुमार, सोनभद्र के सीडीओ सौरभ गंगवार, भदोही के सीडीओ डाॅ. शिवाकांत द्विवेदी, जेडीसी रमेश चंद्र आदि मौजूद रहे।