चुनार। धौहा गांव में मंगलवार की सुबह जमीन संबंंधी विवाद में दो पक्षों में मारपीट हो गई। एक पक्ष ने लाठी-डंडे और फावड़े से हमला कर दिया। मारपीट की इस घटना में एक पक्ष के सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को सीएचसी ले जाया गया। गंभीर रूप से घायल दंपती को ट्राॅमा सेंटर मिर्जापुर में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान वृद्ध की मौत हो गई। इस मामले में मृतक के पुत्र की तहरीर पर पुलिस ने 11 नामजद समेत अज्ञात पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया है।
धौहा गांव में मंगलवार को सुबह दो पक्षों में जमीन संबंधी विवाद में मारपीट हो गई। इसमें एक पक्ष के रामअचल (70), उनकी पत्नी किशमिशा देवी (65), पुत्र रामबली भारती (45), रविचंद (40), अर्चना देवी (35) पति रविचंद, मीना देवी (40) पति रामकिशुन, अजीत कुमार (15) पुत्र रविचंद घायल हो गए। सभी घायलों को सीएचसी ले जाया गया। वहां से प्राथमिक उपचार के बाद रामअचल (70) व उनकी पत्नी किशमिशा देवी (65) को ट्राॅमा सेंटर मिर्जापुर रेफर कर दिया गया। जहां इलाज के दौरान रामअचल की मौत हो गई। हालत गंभीर होने पर किशमिशा देवी को ट्राॅमा सेंटर वाराणसी रेफर कर दिया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के पुत्र रविचंद ने तहरीर देकर बताया कि मंगलवार को सुबह छह बजे चुनार के बहरामगंज के रहने वाले विपक्षी राजकुमार गुप्ता व काजू गुप्ता, गोलू गुप्ता, उजाला गुप्ता व अन्य कुछ लोग उनकी जमीन पर आए। गाली देते हुए लाठी-डंडे, हसुआ, फावड़ा से मारा पीटा तथा जान से मारने की धमकी दी। पिटाई के कारण पिता की मौत हो गई। रविचंद की तहरीर पर पुलिस ने 11 नामजद और अन्य अज्ञात के खिलाफ गैर इरादतन हत्या समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। एएसपी ऑपरेशन ओपी सिंह ने बताया कि रामअचल व राजकुमार गुप्ता के बीच जमीन को कई साल से विवाद चला आ रहा है। मंगलवार को सुबह साढ़े छह बजे जमीन संबंधी विवाद में दोनों पक्षों में मारपीट हुई। जिसमें रामअचल पक्ष के सात लोग घायल हो गए। मौके पर पुलिस ने घायलों को इलाज के लिए सीएचसी पहुंचाया। जहां से रामअचल और उसकी पत्नी को रेफर किया गया। इलाज के दौरान रामअचल की मौत हो गई है। दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। अन्य को पकड़ने के लिए टीमें लगाई गई हैं।
एसडीएम चुनार राजेश कुमार वर्मा का कहना है कि रामअचल और राजकुमार गुप्ता की जमीन एक ही नंबर पर है। जगरनाथ से सवा बीघे जमीन का बैनामा राजकुमार गुप्ता ने कराया लिया है। जिसकी दाखिल-खारिज नहीं हुई है। जिस पर सिविल कोर्ट का स्टे है। कब्जेदारी को लेकर एसडीएम न्यायालय में मुकदमा भी चल रहा था, लेकिन वाद राजस्व परिषद में जाने के कारण एसडीएम न्यायालय में वह अवैध हो गया। राजस्व टीम को मौके पर भेजा गया तो वहां स्टे वाली भूमि पर जोती हुई मिली। संभवतः इसी को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ और घटना हो गई।