मिर्जापुर। ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित शराब की करीब 300 दुकानों से लाइसेंस शुल्क की वसूली की जाएगी। दुकान संचालक को जिला पंचायत की ओर से शुल्क का भुगतान करने के लिए नोटिस जारी किया गया है।
जिला पंचायत के नियमों के तहत ग्रामीण क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन के लिए अनुमति लेना जरूरी है। इसके लिए जिला पंचायत से लाइसेंस जारी किए जाते हैं। बताया जा रहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 300 शराब की दुकानें संचालित की जा रही हैं। अभी तक शराब की दुकानों के संचालक कोई शुल्क नहीं दे रहे थे। जिला पंचायत ने इनको चिह्नित कर नोटिस जारी किया है। नोटिस में दुकान संचालकों को अविलंब शुल्क का भुगतान करने को कहा गया है। शराब की दुकान के संचालन के लिए दो हजार रुपये लाइसेंस शुल्क निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही प्रति दुकान छह हजार रुपये संपत्ति कर व विभव कर भी निर्धारित किया गया है। इस प्रकार से शराब की दुकान का संचालन करने वाले हर दुकानदार को हर साल आठ हजार रुपये शुल्क का भुगतान करना होगा। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी सुरेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में शराब की लगभग 300 दुकानें हैं। संबंधित दुकान संचालकों को नोटिस जारी कर लाइसेंस शुल्क जमा करने को कहा गया है।