पड़री। थाना क्षेत्र के अघवार गांव में रविवार की रात कमरा बंद कर युवक ने पंखे पर गमछे के फंदे के सहारे लटक कर जान दे दी। सोमवार को सुबह कमरे से बाहर नहीं आने पर भाई ने जाकर देखा तो दरवाजा बंद था। खिड़की से झांकने पर युवक फंदे से लटका दिखा। दरवाजा तोड़कर उसे फंदे से उतारा गया, तब तक उसकी मौत हो गई थी।
क्षेत्र निवासी रविंद्र कुमार धरकार (32) दस साल पहले सड़क हादसे में घायल हो गए थे। उनका दाहिना पैर कट गया था। उनसे दो पुत्रियां और एक पुत्र हैं। पत्नी रेशमा बच्चों को लेकर 15 दिन पहले मायका सोनभद्र के घोरावल थाना क्षेत्र के बरैया गांव चली गई थी। घर में रविंद्र अकेले थे। रविवार की रविंद्र ने दरवाजा बंद करके कमरे में पंखे पर गमछा के फंदे से लटक कर जान दे दी। सोमवार को सुबह रविंद्र के बड़े भाई गोविंद ने दरवाजा बंद होने पर आवाज लगाई तो कोई जवाब नहीं आया। खिड़की से देखा तो रविंद्र फंदे से लटका था। उन्होंने शोर मचाकर लोगों को बुलाया। इसके बाद दरवाजा तोड़कर रविंद्र को नीचे उतारा। तब तक उसकी मौत हो गई थी। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रभारी थानाध्यक्ष विजय सरोज ने बताया कि युवक की पत्नी मायके गई थी। वह बीमार था। संभवत: बीमारी से तंग आकर उसने फंदे से लटक कर जान दे दी।