विकास भवन के आडिटोरियम हाल में बुधवार को आयोजित जनपद स्तरीय रबी गोष्ठी में किसानों ने बिजली, पानी व सम्मान निधि का मुद्दा उठाते हुए समस्याओं के समाधान की मांग की।
विकास खंड सीखड़ से आए किसान नरेंद्र मिश्रा ने बताया सिंचाई के लिए गांवों में बनी नालियां पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई हैं। प्रहलाद सिंह ने बताया कि बाण सागर परियोजना से जुड़े अधिकारियों द्वारा जरगो जलाशय में पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। इससे किसानों को सिंचाई के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विकास खंड पहाड़ी से आए लाला मिश्रा ने विकास खंड में पंप कैनालों की बदहाली का मुद्दा उठाया। कहा कि पहाड़ी ब्लॉक में पांच लिफ्ट कैनाल हैं। कैनाल कहीं खस्ताहाल हैं तो कहीं लो वोल्टेज समस्या है। पंप कैनालों के लिए क्षेत्र में एक स्वतंत्र फीडर की मांग कई महीने से की जा रही है।
मुख्य विकास अधिकारी श्री लक्ष्मी वीएस ने किसानों की समस्याएं सुनने के बाद समाधान का भरोसा दिया। उन्होंने अधिकारियों को किसानों की समस्याओं का त्वरित निस्तारण करने का निर्देश दिया।
गोष्ठी में जिला उद्यान अधिकारी मेवाराम ने किसानों को परंपरागत खेती के साथ ही स्ट्राबेरी व ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए तकनीकी जानकारी दी। उप कृषि निदेशक अशोक उपाध्याय ने कृषि विभाग की ओर से संचालित योजनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने धान के सीजन खेतों में पराली जलाए जाने से होने वाले नुकसान के बारे में बताया।
कृषि विज्ञान केंद्र बरकछा से आए वैज्ञानिक डॉ. जेपी राय ने रबी फसलों की खेती के लिए बोआई करने से पहले बीज शोधन की सलाह दी। गोष्ठी में पशुपालन, सहकारिता, विद्युत, सिंचाई, उद्यान, मत्स्य सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।