मिर्जापुर। खरीफ क्रय वर्ष 2020-21 के तहत धान खरीद 28 फरवरी तक होनी थी लेकिन शासन ने इसके पूर्व ही मात्र तीन क्रय केंद्रों को छोड़कर सभी केंद्रो पर धान खरीद को बंद कर दिया है। इससे किसान परेशान हैं, हालांकि अब इक्का- दुक्का किसान ही धान बेचने आ रहे हैं। अधिकतर किसान धान बेच चुके हैं। कुछ किसान तीन केंद्रों पर ही खरीद होने से परेशान हो रहे हैं लेकिन वह भूले- भटके किसान ही हैं जो किसी वजह से अपना धान नहीं बेच सके हैं। जिले में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 100.18 फीसदी धान खरीद हो चुकी है। अब तक 41277 किसानों से धान खरीद की जा चुकी है। शासन ने लक्ष्य में कटौती करते हुए उसे 261250 एमटी से घटाकर 2,10,000 एमटी कर दिया था। इसके सापेक्ष मंगलवार तक 210384.67 एमटी धान की खरीद की गई है। इसके पूर्व धान खरीद के लिए प्रशासन ने सौ क्रय केंद्र बनाया था। इसमें खरीद के लिए पहले 261250 एमटी धान खरीद का लक्ष्य रखा गया था। खाद्य विभाग के 19 क्रय केंद्र पर 79793 एमटी, पंजीकृत समिति के छह क्रय केंद्र पर 8441 एमटी, एफपीसी के 14 क्रय केंद्र पर 15149, मंडी समिति के दो क्रय केंद्र पर 3546 एमटी, पीसीएफ के 21 क्रय केंद्र पर 45416 एमटी, यूपी एग्रो के 10 क्रय केंद्र पर 5853, नैफेड के 15 क्रय केंद्र पर 25640 एमटी, एनसीसीएफ के 12 क्रय केंद्र पर 24343 एमटी तथा भारतीय खाद्य निगम के एक क्रय केंद्र पर 2199 सहित 210384. 67 एमटी धान खरीद हो चुकी है, जो निर्धारित लक्ष्य का 100.18 प्रतिशत है। तीन क्रय केंद्रों को छोड़कर सभी पर धान खरीद बंद कर दिया गया है। वर्तमान समय में केवल खाद्य विभाग के मंडी समिति मीरजापुर और अहरौरा तथा भारतीय खाद्य निगम मंडी समिति में ही धान खरीद हो रही है।