जिगना। विंध्याचल थाना क्षेत्र के पाठकबरी स्थित एक अस्पताल में भर्ती छह वर्षीय बच्चे की बुधवार को देर शाम मौत होने पर परिजनों ने हंगामा किया। आरोप लगाया कि पैसे के लिए डाॅक्टर ने रेफर नहीं किया। इस कारण बच्चे की जान चली गई। सूचना पर पहुंचे एएसपी सिटी तथा सीओ सिटी ने आक्रोशित परिजनों को समझाकर शांत कराया। अस्पताल के डॉक्टर के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
विंध्याचल थाना क्षेत्र के तिलई मौआर गांव निवासी विजय कुमार के पुत्र रितेश कुमार (6) को झटका आ रहा था। पिता विजय कुमार पुत्र रितेश को बुधवार को दोपहर में पाठकबरी स्थित एक निजी अस्पताल में उपचार के लिए ले गए। वहां इलाज के दौरान बच्चे की मौत हो गई। बच्चे के पिता विजय कुमार का आरोप है कि पुत्र को भर्ती कर 10 हजार रुपये लिए गए थे। बच्चे की हालत गंभीर हो गई तो डाॅक्टर ने कहा कि बकाया एक हजार रुपये देकर बच्चे को दूसरी जगह लेकर जाओ। पैसा नहीं होने के कारण बच्चे को नहीं छोड़ा, जबकि एंबुलेंस आकर चली गई।डाॅक्टर ने पत्नी से कहा कि 25 हजार रुपये जमा करो तो इलाज करेंगे। इस बीच लापरवाही के चलते बच्चे की जान चली गई। परिजनों के हंगामा करने पर मौके पर पहुंचे एएसपी नितेश सिंह, सीओ मनोज कुमार गुप्ता, थानाध्यक्ष विंध्याचल दयाशंकर ओझा ने आक्रोशित लोगों को समझाकर शांत कराया। डाॅ. एस दुबे का कहना था कि मरीज को भर्ती करने से मना किया गया। उनके कहने पर दो घंटे तक इलाज के बाद रेफर कर दिया गया था, लेकिन परिजन अन्यत्र नहीं ले गए। जिसकी वजह से मौत हुई है। बच्चे को कुछ दिन पूर्व कुत्ते ने काट लिया था, लेकिन परिजन इस बात को छिपाए हुए थे। आरोप गलत है। थानाध्यक्ष दयाशंकर ओझा ने बताया कि परिजनाें ने डाॅक्टर पर पैसे के लिए रेफर नहीं करने का आरोप लगाया। इससे बच्चे की मौत हो गई। इस पर डाॅक्टर के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।