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आठ जोन व 18 सेक्टरों में बंटा मेला क्षेत्र

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शारदीय नवरात्र 25 सितंबर से शुरू चार अक्तूबर तक जारी रहेगा। इस दौरान मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की काफी भीड़ होगी। नवरात्र के दौरान मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पूरे मेला क्षेत्र के आठ जोन व 18 सेक्टरों में बांट दिया गया है। जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार व पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्रा ने मंगलवार को अधिकारियों के साथ बैठक कर मेला क्षेत्र को आठ जोन व 18 सेक्टरों में बांटकर जिम्मेदारी भी सौंपी।
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जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि मेला क्षेत्र में भ्रमण कर विभाग से संबंधित बिंदुओं को चिह्नित कर कार्ययोजना बनाकर कार्य शुरू कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यदि कार्य शुरू करने में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न हो रही हो तो 12 सितंबर को इस संबंध में होने वाली बैठक में जानकारी दें। उन्होंने अधिकारियों को 20 सितंबर तक विभाग से संबंधित कार्य हर हाल में मेला क्षेत्र में पूरी कराने की हिदायत दी।
जिलाधिकारी ने बताया कि नवरात्र के दौरान मां विंध्यवासिनी के चरण स्पर्श पर पूर्णतया प्रतिबंध रहेगा। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही होने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को घाटों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, स्थायी व अस्थायी शौचालय का निर्माण कराने, पेयजल, ध्वनि विस्तारक यंत्र आदि की व्यवस्था कराने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिशासी अधिकारी को विंध्याचल थानाध्यक्ष के साथ समन्वय स्थापित कर सारी व्यवस्था सुनिश्चित कराने की हिदायत दी। उन्होंने राजकीय निर्माण निगम व लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को मंदिर तक पहुंचने वाले चारों मार्गों को समतल कराकर आवागमन के योग्य कराने का निर्देश दिया। ताकि श्रद्धालुओं को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
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जिलाधिकारी ने पुरानी वीआईपी व नई वीआईपी दर्शन मार्ग पर रास्ते में पूरी चौड़ाई से टेंट लगवाने की व्यवस्था कराने की हिदायत दी। ताकि दर्शनार्थियों को धूप से राहत मिल सके। उन्होंने मेला क्षेत्र के त्रिकोण मार्ग तथा अष्टभुजा पहाड़ी के मार्गों पर पार्किंग स्थल चिह्नित करने की भी हिदायत दी। कहा कि मार्गों व स्टैंड पर प्रकाश की व्यवस्था की जानी चाहिए। साथ ही रास्ते में कहीं भी पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने देने की भी बात कही। तीनों मंदिरों विशेषकर विंध्यवासिनी देवी मंदिर के अंदर विद्युत वायरिंग की गहना से जांच करने का निर्देश दिया। साथ ही यह भी कहा कि अगर कहीं गड़बड़ी है तो उसे तत्काल ठीक करा लें। ताकि मंदिर परिसर में विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। मेला क्षेत्र में एंबुलेंस, स्वास्थ्य शिविरों में पर्याप्त मात्रा में दवाओं की उपलब्धता आदि सुनिश्चित कराने का भी निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को मेला क्षेत्र में वाहन स्टैंड के लिए जगह चिह्नित करने का निर्देश दिया। साथ ही यह हिदायत भी दी कि स्टैंड पर दो व चार पहिया वाहन खड़ी करने के बदले वसूल की धनराशि का निर्धारित कर रेट बोर्ड लगवाने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। ताकि वाहन से दर्शन-पूजन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी न हो। इसी प्रकार प्रसाद व माला-फूल बेचने वाले दुकानदारों से समन्वय स्थापित कर दर निर्धारित करने तथा प्रत्येक दुकान पर रेट बोर्ड लगवाने की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि दुकानदारों को सामान दुकान के अंदर ही रखने के लिए निर्देशित किया जाना चाहिए। दुकानदारों को आगाह किया जाय कि दुकान से बाहर सामान मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। दुकानदारों को दुकान के सामने डस्टबिन रखने को कहें। ताकि गंदगी न हो। बैठक में पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्र ने फायर ब्रिगेड व पुलिस व्यवस्था आदि के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। कहा कि सभी जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेट निर्धारित समय पर ड्यूटी पर पहुंचना सुनिश्चित करेंगे। तभी मेला को सकुशल संपन्न कराया जा सकता हैं। उन्होंने कहा कि मेला क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जायेगी ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े। बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी पीएस त्रिपाठी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ राजेंन्द्र प्रसाद, अपर जिलाधिकारी शिव प्रताप शुक्ल, अपर पुलिस अधीक्षक, नगर मजिस्ट्रेट विनय कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी प्रभात राय आदि मौजूद रहे।
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