मिर्जापुर। दरी-कालीन निर्माता, निर्यातकों ने आयकर विभाग के नियमों के अनुसार भुगतान की 45 दिन की समय सीमा को बढ़ाकर 180 दिन करने की मांग की है। इस मांग को लेकर कार्पेट मैन्युफैक्चरर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने रविवार को केंद्रीय राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल को ज्ञापन दिया। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मिर्जापुर को टाउन ऑफ एक्सपोर्ट एक्सीलेंस प्रदान किए जाने पर केंद्रीय राज्यमंत्री के प्रति आभार भी जताया।
केंद्रीय राज्यमंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में मिर्जापुर दरी, कार्पेट मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन के आशीष बुधिया ने दरी और कार्पेट के निर्माण से लेकर निर्यात में पैदा होने वाली समस्याओं की जानकारी दी है। मनोज खंडेलवाल ने कहा कि लगभग 10 से 20 दिन में मुंबई पोर्ट द्वारा शिपमेंट के बाद प्रपत्र प्राप्त होता है। इसके बाद बैंकों से 90 प्रतिशत भुगतान प्राप्त कर अन्य सप्लायर एमएसएमई कंपनियों का भुगतान किया जाता है। उन्होंने कहा कि आयकर के नियमों के मुताबिक एमएसएमई के भुगतान की समय सीमा 45 दिन निर्धारित की है। कार्पेट मैन्युफैक्चरर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने दरी-कालीन निर्माता, निर्यातकों की व्यावहारिक विवशता को समझते समय सीमा बढ़ाकर 180 दिन किए जाने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में सीपी गुप्ता, इब्राहिम अंसारी, कैलाश सिंह, चंद्र मोहन वासन, नरेश सिंह आदि शामिल रहे।