हलिया। जनजातीय आजीविका संवर्धन परियोजना के तहत एनबीआरआई, लखनऊ के वैज्ञानिकों ने क्षेत्र का भ्रमण कर ममरी, तेंदू, जंगली तुलसी, गाजर घास और हरद-बडेरा सहित विभिन्न वनस्पतियों के नमूने एकत्र किए। भ्रमण का उद्देश्य गोंड जनजाति के परिवारों की आय बढ़ाने, स्थानीय जैव-संसाधनों के संरक्षण और स्वरोजगार की संभावनाओं का पता लगाना रहा। इस दौरान मुख्य वैज्ञानिक डॉ. मंजूषा श्रीवास्तव, डॉ. विक्रमा सिंह, डॉ. अनिल द्विवेदी, डॉ. अनुपमा देवी और गौरव सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।