मिर्जापुर। कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को मुख्य विकास अधिकारी श्रीलक्ष्मी वीएस की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति एवं जिला सलाहकार समिति की बैठक हुई। इसमें मार्च माह तक इंडियन ओवरसीज बैंक, यूको बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक आफ इंडिया, केनरा बैंक, एक्सिस बैंक एवं डीसीबी के ऋण जमा अनुपात में 40 प्रतिशत से कम प्रगति होने पर मुख्य विकास अधिकारी ने कड़ाई नाराजगी जताई। उन्होंने सभी बैंकों को ऋण जमा अनुपात बढ़ाने के लिए कार्ययोजना बनाकर एक सप्ताह के अंदर लीड बैंक प्रबंधक के माध्यम से प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। उन्होंने कम प्रगति वाले यूको बैंक, यूपीएसजीवी के अधिकारियों से स्पष्टीकरण भी मांगा है।
बैठक के दौरान लीड बैंक प्रबंधक ने बताया कि जिले में 19 बैंकों की 199 शाखाओं में से 135 ग्रामीण और 21 अर्ध शहरी व 43 शहरी क्षेत्रों में हैं। मार्च 2023 तक कुल जमा अनुपात 8581.27 करोड़ है। उन्होंने बताया कि कुल जमा रुपये 4114.71 करोड़ एवं समस्त बैंकों का औसत ऋण जमा अनुपात 47.95 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि व्यवसायिक बैंकों का औसत ऋण जमा अनुपात 46.09 प्रतिशत हैं। वार्षिक ऋण योजना 2022-23 की प्रगति की समीक्षा के दौरान कम प्रगति वाले यूको बैंक, यूपीएसजीवी के अधिकारियों से मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्टीकरण मांग लिया।
बैठक में किसान क्रेडिट कार्ड व फसली ऋण वितरण के संबंध बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में कुल 138049 कृषकों को केसीसी ऋण वितरण का लक्ष्य है। इसमें से व्यवसायिक बैंकों के माध्यम से 124531 तथा सहकारी बैंकों से 13518 कृषकों को लाभान्वित किया जाना है। बीते 31 मार्च तक कुल 138262 कृषकों को 789.41 करोड़ फसली ऋण वितरित किए गए। जो लक्ष्य का 100.15 प्रतिशत है।