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महिला अस्पताल के सीएमएस व एमओआईसी से मांगा स्पष्टीकरण

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कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को जिलाधिकारी दिव्या मित्तल की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक हुई। इसमें स्वास्थ्य विभाग की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई। बैठक में जिला अस्पताल के अलावा सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को दी जाने वाली सुविधाओं आदि के बारे में जानकारी ली गई। बैठक में पूर्व अनुमति के बगैर अनुपस्थित रहने पर जिलाधिकारी ने महिला अस्पताल की सीएमएस एवं चुनार के प्रभारी चिकित्साधिकारी से स्पष्टीकरण मांग लिया है।
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बैठक में एएनसी व हीमोग्लोबिन की जांच, पंजीकरण व फीडिंग की कम प्रगति पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से नाराजगी जताई। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सीखड़, राजगढ़, चील्ह, मझवां की कम प्रगति होने पर भी उन्होंने नाराजगी जताई। जननी सुरक्षा योजना में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मड़िहान, विंध्याचल एवं चुनार चचेरी मोड़ के लाभार्थियों को भुगतान की प्रगति ठीक नहीं मिली। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए संबंधित एमओआईसी को चेतावनी दी अगले महीने तक योजनाओं में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर कार्रवाई की जायेगी।
गर्भवती महिलाओं की एचआईवी जांच सहित अन्य योजनाओं से संबंधित कार्यों की फीडिंग नहीं होने पर जिलाधिकारी ने संविदा कंप्यूटर ऑपरेटर को हटाकर नये कर्मचारी की तैनाती का निर्देश दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि जो एमओआईसी अपने स्टाफ से कार्य नहीं लेते हैं तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जायेगी। बैठक में नवजात बच्चों के वजन एवं ढाई किग्रा से कम वजन वाले बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार की प्रगति की समीक्षा की गयी। इसकी प्रगति रिपोर्ट एचएमआईएस पोर्टल पर अविलंब फीड कराने का निर्देश दिया।
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जननी सुरक्षा योजना में हुई प्रगति की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी को बताया गया कि आशा कार्यकर्ताओं को सितंबर माह तक के मानदेय का शत प्रतिशत भुगतान कर दिया गया है। इस दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को मातृ मृत्यु दर की रिपोर्ट भी पोर्टल पर फीड करने का निर्देश दिया। सीएमओ को उन्होंने निर्देश दिया कि सभी पीएचसी, सीएचसी में चिकित्सकों के बैठने का समय निर्धारित करें। ताकि मरीजों के उपचार में दिक्कत न हो।
बैठक के दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी ने डेंगू व अन्य जांच के लिये उपकरण खरीदने के संबंध में भी चर्चा की। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिया कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों में डेंगू वार्ड बनाने तथा वहां पहुंचने वाले मरीजों के इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित कराएं।
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बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्रीलक्ष्मी वीएस, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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