मिर्जापुर। जिले में एक नवंबर से धान की खरीद शुरू हो गई है, लेकिन इनमें से खाद्य विभाग के केंद्रों को छोड़कर अन्य एजेंसियों के खरीद केंद्र अब निष्क्रिय हैं। यदि किसी एजेंसी के केंद्र खुले भी हैं तो मात्र दो-चार से संख्या आगे नहीं बढ़ रही है।
इस बार धान खरीद के लिए जिले में 91 केंद्र खोले जाने की स्वीकृति दी गई है। इनमें से 22 खरीद केंद्र खाद्य विभाग के हैं, जबकि पीसीएफ के 22 क्रय केंद्र हैं। इसी प्रकार पीसीयू के 23 क्रय केंद्र हैं। यूपीएसएस के 20 केंद्र खोले गए हैं। मंडी समिति के एक व भारतीय खाद्य निगम के दो केंद्र खुल गए हैं। एक सप्ताह के दौरान जिले में मात्र 94.48 मीट्रिक टन धान की खरीद हो सकी है। इसमें अकेले खाद्य विभाग ने 57.88 मीट्रिक टन धान की खरीद की है। पीसीएफ के केंद्र पर 20.04 मीट्रिक टन, पीसीयू ने 16.56 मीट्रिक टन धान की खरीद की है। यूपीएसएस, मंडी समिति व भारतीय खाद्य निगम के केंद्रों पर अभी खाता ही नहीं खुला है। इनके कुल 23 केंद्रों पर धान की खरीद अभी शून्य है। इस बार जिले को धान की खरीद के लिए दो लाख टन का लक्ष्य मिला है। जिले में अब तक 21 किसानों से मात्र 94.48 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने भी जिन केंद्रों पर खरीद नहीं शुरू हुई है, उसको लेकर नाराजगी जताई है। खरीद एजेंसियों को निर्देश का पालन करने को कहा है। डिप्टी आरएमओ धनंजय सिंह ने बताया कि किसान केंद्रों पर आ रहे हैं और पंजीकरण करा रहे हैं। शीघ्र ही धान खरीद गति पकड़ेगी। जिले में धान बेचने के लिए अब तक 15777 किसानों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया है। इसमें सामान्य गांवों के 14303 तथा चकबंदी गांवों के 1474 किसानों ने पंजीकरण कराया है। इसमें 7168 आवेदन लंबित हैं और 8609 किसानों का सत्यापन हो चुका है।