पड़री। दूषित पानी शरीर में कई रोगों को जन्म देता है। इससे बचाव का एक मात्र उपाय समय-समय पर पानी की जांच कराना है।
उक्त बातें राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन की ओर से ब्लाॅक सभागार में आयोजित कार्यशाला में बीडीओ पहाड़ी रामपाल ने कहीं। कार्यशाला में प्रशिक्षकों ने लोगों को जल जनित बीमारियों आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही पानी की जांच के लिए लोगों को जागरूक किया। इसके बाद खंड विकास अधिकारी ने जल स्रोतों की जांच के लिए गठित टीम को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
कार्यशाला में प्रशिक्षक रेखा मौर्य, मनोज कुमार, अजीम, नवीन श्रीवास्तव आदि ने पानी की जांच के तरीकों के बारे में जानकारी दी। रेखा मौर्य ने बताया कि आर्सेनिक युक्त पानी के सेवन से त्वचा रोग, कैंसर आदि का खतरा रहता है। उन्होंने बताया कि फ्लोराइड युक्त पानी पीने से हड्डी रोग की समस्या पैदा हो सकती है। कार्यशाला में शुद्ध पेयजल के सेवन पर जोर दिया गया। बाद में खंड विकास अधिकारी रामपाल ने जल स्रोतों की जांच के लिए गठित पांच सदस्यीय टीम को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर खंड शिक्षा अधिकारी विमलेश त्रिपाठी, सीडीपीओ सूर्यलता के अलावा नवीन कुमार श्रीवास्तव, शिवशंकर प्रसाद, प्रवेश यादव, मोहम्मद अजीम, पंकज कुमार गौड़, रामकृष्ण पाठक, राकेश यादव आदि मौजूद रहे।