मिर्जापुर। नगर के ऐतिहासिक घंटाघर को संरक्षित स्मारक घोषित करने की दिशा में कार्य शुरू कर दिए गए हैं। प्रदेश के राज्यपाल ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर आपत्ति मांगी है। आपत्ति अधिसूचना जारी होने की तिथि से एक माह के अंदर की जा सकती है। अधिसूचना 24 अप्रैल को जारी की गई है।
यह जानकारी नगर पालिका परिषद मिर्जापुर के अधिशासी अधिकारी अंगद गुप्ता ने दी। उन्होंने बताया कि घंटाघर को संग्रहालय बनाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है। नगर पालिका परिषद व जिला प्रशासन की तरफ से शासन को जरूरी अभिलेख उपलब्ध करा दिए गए हैं। उसके बाद इस दिशा में प्रगति हुई है। घंटा घर नगर की सांस्कृतिक विरासत और धरोहर है। आने वाली पीढि़यों के लिए इस धरोहर को संरक्षित करना महत्वपूर्ण है। नवनिर्वाचित पालिका अध्यक्ष श्याम सुंदर केसरी ने इस पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश प्राचीन एवं ऐतिहासिक स्मारकों तथा पुरातात्विक स्थानों और अवशेषों के परिरक्षण अधिनियम के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करके राज्यपाल ने इसे संरक्षित किया है। उन्होंने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि जीत के तुरंत बाद राज्यपाल द्वारा इसे संरक्षित किया गया है। शपथ लेने के बाद इस ऐतिहासिक धरोहर की घड़ी को ठीक कराने का पूरा प्रयास किया जाएगा। नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष मनोज जायसवाल ने दावा किया कि उनकी पहल पर ही नगर पालिका ब़र्ड में यह प्रस्ताव लाकर सर्वसम्मति से पारित किया गया था।