मिर्जापुर। कोहरे के साथ ही गलन बढ़ने का सिलसिला रविवार को भी जारी रहा। रविवार को सुबह देर तक कोहरा छाया रहा। कोहरे के बीच बह रही ठंड हवाओं के कारण लोग ठिठुरते दिखे। पाला पड़ने से आलू के अलावा दलहनी और तिलहनी की फसलों के लिए खतरा पैदा हो गया है।
रविवार को न्यूनतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। बीते शनिवार को न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस रहा। न्यूनतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने से गलन भी बढ़ गई। गलन बढ़ने के कारण लोग बहुत जरूरी होने पर ही लोग घरों से बाहर निकल रहे हैं। बच्चे और मरीज रजाई में ही दुबके रहे। गलन के चलते बाजारों में पिछले दिनों की अपेक्षा कम चहल-पहल रही। घरों में हीटर और ब्लोवर के प्रयोग के चलते बाजारों में इसकी मांग भी बढ़ गई है। रविवार को दोपहर बाद निकली धूप भी बेअसर रही। धूप में बैठे लोग भी ठंड से ठिठुर रहे थे। पाला पड़ने से आलू, मटर के साथ ही दलहनी और तिलहनी फसलों के लिए खतरा बढ़ गया है। ग्रामीण कृषि मौसम सेवा भू-भौतिकी विभाग बीएचयू वाराणसी के नोडल अधिकारी प्रो. रवि शंकर सिंह और मौसम वैज्ञानिक शिव मंगल सिंह ने मौसम पूर्वानुमान के आधार पर बताया कि प्रतिदिन न्यूनतम और अधिकतम तापमान में हो रहे उतार चढ़ाव से आने वाले दिनों में कहीं-कहीं हल्के बादल दिख सकते हैं। इसके चलते शीतलहर का प्रकोप और बढ़ने की संभावना है।