मिर्जापुर। देहात कोतवाली में तैनात एक सिपाही तथा उसके परिवार के लोगों पर पत्नी की तहरीर पर दहेज प्रताड़ना का मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले में पुलिस अधीक्षक आरोपी सिपाही को पहले ही निलंबित कर चुके हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
जौनपुर जिले के जलालपुर थाना क्षेत्र के त्रिमोहानी राजेपुर गांव निवासी प्रीति ने देहात कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि 28 फरवरी 2023 को कांस्टेबल आशीष कुमार सरोज के साथ उनकी शादी हुई। दहेज में पांच लाख रुपये नकद और दो लाख रुपये मूल्य के गहने आदि दिए गए थे। शादी के कुछ दिन तक सब ठीक रहा। इसे बाद पति की मां शीतला, बहन मोनी, गीता, सुनीता द्वारा कम दहेज का ताना देकर दहेज के रूप में 10 लाख रुपये और एक कार की मांग की जाने लगी। दहेज नहीं देने पाने पर मारपीट करते थे। जान से मारकर दूसरी शादी करने की धमकी दी गई। तहरीर में यह भी बताया कि 25 मई 2023 को दहेज नहीं मिलने पर उसे पिता के घर भेज दिया गया। 16 जून 2023 को पति के किराए के मकान पर गई तो साथ नहीं रखा। विवाह के बाद तीन बार गर्भवती हुई, लेकिन पति ने गर्भपात करा दिया। पति ने किराए के मकान में रखे गहने आदि भी चोरी कर ली। एक लड़की द्वारा भी धमकी दी जाने लगी। इस मामले में पुलिस ने आरोपी सिपाही आशीष सरोज, उसकी मां शीतला, बहन मोनी, गीता, सुनीता तथा बहनोई दिलीप के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज किया गया है। मुकदमा दर्ज होने पर पुलिस अधीक्षक ने भी सिपाही को निलंबित कर दिया। एएसपी सिटी नितेश सिंह ने बताया कि सिपाही पर दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज है। उसे निलंबित किया गया है।