मिर्जापुर। दाखिल-खारिज में लापरवाही बरतने की शिकायत मिलने पर शनिवार को जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने संबंधित नायब तहसीलदार को कड़ी चेतावनी दी। साथ ही इस समस्या का समाधान करने की हिदायत दी।
जिलाधिकारी शनिवार को चुनार तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस पर लोगों की समस्याएं सुन रही थीं। समाधान दिवस पर सभी चार तहसीलों में कुल 264 शिकायतें आईं। इसमें से मौके पर सिर्फ आठ का निपटारा हो पाया। यही नहीं, मड़िहान तहसील में कुल 29 मामले आए और मौके पर इनमें से एक का भी निस्तारण नहीं हो पाया। इसी तरह लालगंज तहसील में एडीएम सत्य प्रकाश सिंह ने लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान 78 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। मौके पर एक का भी निस्तारण नहीं हो सका। चुनार में शिकायतों की सुनवाई के दौरान चकमदार गांव निवासी गुलाबी देवी ने जिलाधिकारी से शिकायत की कि वे सिंचाई के लिए जिस नाली का प्रयोग करती हैं, उसे पाटकर इंटरलाकिंग कार्य कराया जा रहा है, इससे सिंचाई बाधित हो रही है। इस पर जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी को इस समस्या का समाधान कराने का निर्देश दिया। उन्होंने दाखिल-खारिज से संबंधित और अन्य शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने की शिकायत मिलने पर नायब तहसीलदार ज्योति सिंह को कड़ी चेतावनी दी और शिकायतों के शीघ्र निस्तारण करने की हिदायत दी। दरियापुर कंदवा गांव निवासी रामसूरत सिंह ने जिलाधिकारी से शिकायती की कि गांव के ही दर्जन भर लोगों ने चक रोड की जमीन पर अतिक्रमण कर लिया है। इस दौरान कुल 74 प्रार्थना पत्र पड़े। जिसमें से मौके पर सिर्फ पांच का निस्तारण हुआ। इस दौरान पुलिस अधीक्षक अभिनंदन, एसडीएम चन्द्रभानु सिंह, तहसीलदार शक्ति प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे। सदर तहसील में एडीएम शिवप्रताप शुक्ल, संयुक्त मजिस्ट्रेट आलोक कुमार, अपर उप जिलाधिकारी सिद्धार्थ यादव ने लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान 83 मामले आए। मौके पर सिर्फ तीन का निस्तारण हुआ। अधिकतर मामले राजस्व, सिंचाई और विद्युत निगम से संबंधित रहे। मड़िहान तहसील में कुल 29 मामले आए और मौके पर इनमें से एक का भी निस्तारण नहीं हो पाया। यहां उप जिलाधिकारी युगांतर त्रिपाठी, तहसीलदार संजीव कुमार यादव आदि ने लोगों की समस्याएं सुनीं। लालगंज तहसील में एडीएम सत्य प्रकाश सिंह ने लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान 78 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। इसमेंं राजस्व से संबंधित 37 शिकायतें रहीं। इसके अलावा पुलिस से संबंधित 13, विकास से संबंधित पांच शिकायतें थी। साथ ही 27 प्रार्थना पत्र अन्य विभागों से संबंधित रहे। मौके पर एक का भी निस्तारण नहीं हो सका। राजस्व एवं पुलिस की टीम गठित कर शिकायतों के निस्तारण के निर्देश दिए गए।