मिर्जापुर। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने मंगलवार को सिटी ब्लाॅक कार्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान अभिलेखों की जांच में वर्ष 2023-24 में प्रधानमंत्री आवास योजना के 64 लाभार्थियों में से 62 के आवास पूर्ण दिखा दिए जाने के मामला सामना आया, जबकि पोर्टल पर फोटोग्राफ देखने पर ज्यादातर आवास अधूरे दिखे। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए डीडीओ को इसकी जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान मनरेगा के तहत कराए जा कार्यों में भी कमी मिली। जिलाधिकारी ने वित्तीय स्वीकृति रजिस्टर की जांच की तो पता चला कि मनरेगा के तहत कुछ ग्राम पंचायतों में ज्यादा काम दिखा दिए गए हैं तो कुछ में वृक्षारोपण के अलावा कोई और काम ही नहीं कराए जाने की जानकारी मिली। जिलाधिकारी ने कितनी आईडी जनरेट हुई है और उसकी तुलना में कितने काम की स्वीकृति मिली, साथ ही कितने काम शुरू हुए और कितने पूरे हुए, इसकी भी जांच की। इस दौरान पता चला कि शिकायत पंजिका व एफटीओ रजिस्टर बनाया ही नहीं गया है। इस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। मनरेगा सेल व आवास सेल के निरीक्षण के दौरान कार्यालय में गंदगी दिखने पर उन्होंने सफाई का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने मृत्यु प्रमाण पत्र पंजिका का भी अवलोकन किया। इस दौरान पता चला कि पंजिका में मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए जाने का उल्लेख है लेकिन आवेदक से मोबाइल फोन पर बातचीत के दौरान बताया गया कि प्रमाण पत्र अभी तक जारी ही नहीं किया गया है। इस पर बीडीओ से उन्होंने नाराजगी जताई और मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने का निर्देश दिया।