मिर्जापुर। जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने सभी उप जिलाधिकारियों व कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को जिले में बारिश कम होेने के कारण सूखे की स्थिति को देखते हुए बैठक की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अपने-अपने क्षेत्रों में फसलों को होने वाली क्षति का सर्वे कराकर तीन दिन में रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
जिलाधिकारी ने उप निदेशक कृषि से पिछले वर्ष की तुलना में इस बार अब तक की गई धान रोपाई एवं खरीफ की अन्य फसलों की बोआई की तुलनात्मक रिपोर्ट उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों से कहा कि किसानों को सुविधाएं उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता हैै। उन्होंने आगाह किया कि सर्वे के दौरान किसानों के साथ किसी भी लेखपाल व अन्य अधिकारी व कर्मचारी द्वारा गड़बड़ी किए जाने की शिकायत मिलने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सर्वे कार्य पूरी पारदर्शिता से होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सर्वे के दौरान लेखपाल के साथ एडीओ कृषि को लगाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ब्लाॅक में कितने प्रतिशत फसल की क्षति हुई है, उसकी ब्लाॅकवार रिपोर्ट उपलब्ध कराएं। जहां पिछले वर्ष धान की रोपाई की गई थी, उन स्थानों पर इस वर्ष रोपाई की गई है अथवा नहीं, इसका भी जिक्र रिपोर्ट में किया जाना चाहिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि सूखे से प्रभावित सभी किसानों को मानक के अनुसार मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा। उप निदेशक कृषि से जिलाधिकारी ने कहा कि रबी की फसल में यदि किसी किसान काे बीमा कंपनी से मुआवजा मिलना है तो वार्ता कर तत्काल उपलब्ध कराने की व्यवस्था कराएं। बैठक में अपर जिलाधिकारी शिव प्रताप शुक्ल, नगर मजिस्ट्रेट विनय कुमार सिंह, संयुक्त मजिस्ट्रेट व उप जिलाधिकारी चुनार नवनीत सेहारा, उप जिलाधिकारी मड़िहान युगांतर त्रिपाठी, लालगंज भरत लाल सरोज, सदर चन्द्रभानु सिंह, उप निदेशक कृषि, जिला कृषि अधिकारी के अलावा अन्य अधिकारी मौजूद रहे।