मिर्जापुर। विंध्याचल थाना क्षेत्र के पहाड़ी पर बालिका से दुष्कर्म और हत्या का प्रयास करने के आरोपी दिव्यांग को दोष सिद्ध पाए जाने पर विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट संतोष कुमार त्रिपाठी ने आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है। साथ 35 हजार रुपये के अर्थदंड की भी सजा सुनाई है। विंध्याचल थाना क्षेत्र एक गांव निवासी महिला अपनी आठ वर्ष की पुत्री और छह वर्ष के पुत्र के साथ अपने ननिहाल आई थी। नौ अप्रैल 2022 को पैर से दिव्यांग रामबाबू मुसहर व्हीलचेयर से उसकी आठ वर्ष की पुत्री को ले गया। बाद में पता चला कि उसकी पुत्री घायल अवस्था में मिली। उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने मेडिकल कराने के बाद मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू की। इसके बाद आरोपी रामबाबू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। विशेष लोक अभियोजक सनातन कुमार ने गवाह, साक्ष्य आदि न्यायालय में प्रस्तुत कर कड़ी से कड़ी सजा दिए जाने की अपील की। पुलिस की ओर से भी पैरोकार द्वारा सजा दिलाए जाने के लिए पैरवी की गई। पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य, गवाहों के बयान और अधिवक्ताओं की दलील सुनकर विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट संतोष कुमार त्रिपाठी ने आरोपी को हत्या के प्रयास में 10 वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया। दुष्कर्म के मामले में दोष सिद्ध पाए जाने पर आजीवन कारावास और 25 हजार के अर्थदंड से दंडित किया। कुल 35 हजार रुपये अर्थदंड न देने पर एक वर्ष छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। जज ने अर्थदंड की धनराशि को पीड़िता को बतौर प्रतिकर देने का आदेश दिया।