कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक करते डीएम सुशील कुमार पटेल।
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मिर्जापुर। कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को डीएम सुशील कुमार पटेल ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना अन्तर्गत 50 हजार किसानों के बैंकों के द्वारा किसान क्रेडिट कार्ड बनाये जाने की समीक्षा की। प्रगति कम पाए जाने पर उन्होंने बैंकों की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुये केसीसी बनाने का निर्देश दिया। डीएम ने लीड बैंक प्रबंधक को निर्देशित किया कि10 जून तक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें। यदि उसके बाद भी जिस बैंक की प्रगति ठीक नहीं पायी जाती है उसके विरूद्ध कार्रवाई की संस्तुति की जायेगी। बैठक में कई बैंकों के ब्रांच मैनेजर के अनुपस्थित रहने तथा ब्रांच मैनेजर के नीचे के अधिकारी/कर्मचारी के बैठक में आने से कडी नाराजगी व्यक्त करते हुये कहा कि जिला स्तरीय बैठकों में ब्रांच मैनेजर के नीचे का अधिकारी न आयें ताकि विकासपरक योजनाओं के बारे में चर्चा कर प्रगति लायी जा सके। मुख्य विकास अधिकारी अविनाश सिंह ने कहा कि कतिपय बैकों के अधिकारी विकासपरक योजनाओं से संबंधित बैठकों में नहीं आते हैं। यदि आगे से ऐसा पाया जाता है तो उनके विरूद्ध रिजर्व बैंक आफ इंडिया अथवा उनके उच्चाधिकारी को अवगत कर कार्रवाई की जायेगी। उप निदेशक कृषि अशोक कुमार उपाध्याय ने जिलाधिकारी को बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के 50 हजार नौ सौ किसानों की केेसीसी बनाने के लिये विभिन्न बैंकों को सूची प्रेषित की गयी है परन्तु अब तक मात्र 24 हजार तीन सौ 34 केसीसी ही बनाया गया है। डीएम ने सभी बैंकों के पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि 30 जून तक किसी भी दशा में अवशेष सभी पात्र कृषकों का केसीसी बनाने का लक्ष्य पूर्ण कर लिया जाये। जिला कृषि अधिकारी पवन कुमार प्रजापति, प्रबंधक लीड बैंक इलाहाबाद के अलावा अन्य बैंकों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।