विंध्याचल में पौधरोपण के लिए बृक्ष वितरण करते जिला जज अरबिंद मिश्र, मंडलायुक्त राजेश प्रकास, जि
विंध्याचल। मां विंध्यवासिनी दरबार में वसंत पंचमी से नई परंपरा का आगाज हुआ। यहां दर्शन के लिए आने वाले प्रत्येक श्रद्धालुओं को महाप्रसादम के रूप में पौधे का वितरण शुरू हुआ। शुक्रवार को अभियान के पहले दिन 10 हजार पौधे बांटे गए। इसमें अमरुद, नींबू, कटहल, करौदा, आंवला व सहजन के पौधे शामिल रहे। लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने और पौधरोपण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विंध्य धाम में पौध महाप्रसादम वितरण शुरू हुआ। अभियान का शुभारंभ आयुक्त विंध्याचल मंडल राजेश प्रकाश, जनपद न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्र और डीएम पवन कुमार गंगवार ने शुक्रवार को दर्शनार्थियों को पौध देकर किया। उद्यान विभाग की तरफ से प्रत्येक श्रद्धालुओं को पौधे वितरित किए गए। भक्तों ने प्रसाद स्वरूप पौधे पाने के बाद उसे माथे लगाया और साथ घर लेकर गए। जिलाधिकारी ने बताया कि विंध्य कॉरिडोर के गेट नंबर तीन के पास बने भवन से प्रतिदिन सुबह सात बजे से दोपहर दो बजे तक और दूसरी पाली में दो बजे से रात्रि दस बजे तक पौधे वितरित किए जाएंगे। उप निदेशक उद्यान मेवाराम ने बताया कि आस्थाधाम में आए श्रद्धालुओं को मां विंध्यवासिनी के स्मृति चिह्न के रूप में यह पौधे प्रदान किए जा रहे हैं। इसे श्रद्धालु अपने यहां रोपण कर इसकी समुचित देखभाल करें। पौधा, पेड़ का रूप लेकर माता विंध्यवासिनी की तरह अपनी छत्रछाया भक्त पर बनाए रखेगा।