मिर्जापुर। गर्मी का मौसम बढ़ने से बच्चों में डायरियां के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। मंडलीय अस्पताल के बच्चा वार्ड में भी बीमार बच्चों की संख्या बढ़ी है। ऐसे में बच्चों का खास ख्याल रखने की जरुरत है। मंडलीय अस्पताल के बच्चा वार्ड में एक अप्रैल से अब तक 112 बच्चे भर्ती हुए है। इसमें 100 बच्चे सिर्फ डायरिया की चपेट में आए है। सोमवार से मंगलवार की शाम तक 18 बच्चे डायरिया की बीमारी में भर्ती हुए है। मंडलीय अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डा. देवराज यादव ने बताय कि गर्मी मौसम में बच्चों में नवजात शिशुओं से लेकर पांच वर्ष तक बच्चों को डायरिया का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है। दूध पीते ही बच्चे दस्त कर देते हैं। पेट में गुड़गुड़ाहट रहती है। टायलेट की जगह में लाली आ जाती है। उन्होंने सलाह दिया कि बच्चों को जंक फूड से बचाएं। बाहर की कोई भी खाने-पीने की चीज न दें। ज्यादा से ज्यादा घर का पका हुआ भोजन खिलाएं। छह माह तक के बच्चों को सिर्फ मां का दूध दें। इसके ऊपर के बच्चों को ठोस आहार अच्छी तरह से मेस करके दें। उन्हें दाल का पानी, चावल, साबूदाने की खीर, खिचड़ी और दलिया भी थोड़ा-थोड़ी खिलाएं। ऐसे बच्चों को सिर्फ दूध पर ही आश्रित न करें। पका हुआ केला दूध में अच्छी तरह से मेस करके खिलाएं। साफ-सफाई का विशेष ध्यान दें। डायरिया हो जाए तो इस बात का सबसे पहले ध्यान रखें कि शरीर में पानी की कमी न हो पाए। समय-समय पर ओआरएस घोल पीते रहें। बच्चों को डायरिया से बचाव के लिए रोटावायरस का टीका जरुर लगावाएं।