विंध्याचल। ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि पर रविवार को विंध्य दरबार में मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। मंगला आरती के बाद भोर से शुरू हुआ मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन का सिलसिला दिन भर चलता रहा। दर्शन-पूजन के साथ ही श्रद्धालु बच्चों के मुंडन व जनेऊ संस्कार में जुटे रहे।
धाम क्षेत्र के विभिन्न गंगा घाटों पर भी काफी भीड़ रही। स्नान के बाद श्रद्धालु नारियल, चुनरी, माला-फूल, रोरी-रक्षा, लाचीदाना, कपूर एवं प्रसाद लिए मंदिर पहुंच रहे थे। मां के भव्य स्वरूप का दर्शन कर भक्त भाव विभोर रहे। शंख, नगाड़ा और माता के जयकारे से पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान रहा। कोई गर्भगृह तो बहुत से लोगों ने झांकी से माता की मां का दर्शन किया।
दर्शन-पूजन के उपरांत भक्तों ने मंदिर परिसर में विराजमान समस्त देवी-देवताओं के मंदिरों में जाकर मत्था टेक कर सुख समृद्धि की कामना की। पूर्णिमा तिथि को देखते हुए जिला एवं पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। इस दौरान नायब तहसीलदार राहुल कुमार मिश्रा, पंडा समाज के अध्यक्ष पंकज द्विवेदी, मंदिर सुरक्षा प्रभारी चंद्र प्रकाश पांडेय एवं धाम चौकी प्रभारी दयाशंकर ओझा के अलावा पुलिस एवं पीएसी के जवान मुस्तैद रहे।