गोपीगंज के पास हाईवे पर खड़ी ट्रकें। संवाद
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वाराणसी-प्रयागराज हाईवे पर होटल-ढाबों और पेट्रोल पंप के पास खड़े वाहनों से हादसे हो रहे हैं। शुक्रवार को हाईवे पर बाबूसराय के पास कटका में हादसे में चार लोगों की मौत ने एक बार फिर से विभागीय दावों की पोल खोल दी। हाइवे किनारे खड़े वाहनों से होने वाले हादसों को लेकर एनएचएआई, परिवहन विभाग बेफिक्र है। वाराणसी- प्रयागराज हाईवे का 45 किमी परिक्षेत्र भदोही में आता है। ऊंज से शुरु होकर बाबूसराय समाप्त होता है। विभिन्न प्रांतो से वाहनों का आवागमन इस मार्ग से होता है। हाइवे पर बेतरतीब ढंग से ट्रक, टेलर खड़ी रहने से लगातार दुर्घटनाएं हो रही है, लेकिन अब भी उनके हटाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। सबसे अधिक दिक्कत हाईवे पर स्थित होटल और ढाबों के पास होता है। जहां जगह न होने पर चालक लेन पर एक किनारे वाहनों को खड़ा कर देते हैं। जिसे लेकर जिम्मेदार अधिकारी अनभिज्ञ बने हैं। अब ठंड का मौसम भी शुरू हो गया है। ऐसे में कोहरे के बीच एक बार फिर से इस तरह के हादसे बढ़ेंगे। ऐसे में समय रहते अगर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो निश्चित ही ठंड में हादसों में इजाफा होगा। हाईवे पर बीते साल आठ नवंबर को ऊंज थाना क्षेत्र में एक कार हाईवे पर एक खड़े ट्रक से टकरा गई। इस हादसे में दो युवकों की मौत हो गई थी। वहीं दो महिलाओं सहित छह लोग घायल हुए थे। इसी तरह 25 जुलाई को ऊंज में दो ट्रक टकरा गया। इसमें दो लोगों की जान चली गई। वहीं साल 2023 में 30 सितंबर को औराई में हाईवे पर खड़े ट्रक में टकराया। इससे दो लोगों की मौत हो गई। - राम सिंह, एआरटीओ ने बताया कि हाईवे पर खड़े वाहनों पर कई बार कार्रवाई की जाती है। कई बार होटल व ढाबों वालों को भी नोटिस जारी किया गया है, लेकिन इसके बाद भी नहीं चेतते। अब अभियान चलाकर वाहनों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।