प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 12वीं किस्त से जिले के 108958 किसान वंचित हो गए हैं। यह संख्या जिले में पंजीकृत किसानों की संख्या 350190 की लगभग 30 प्रतिशत है।
जिले में वर्तमान में कृषि विभाग के पोर्टल पर 350190 किसान पंजीकृत हैं। इनमें से सदर तहसील क्षेत्र के 142311, चुनार के 109252, मड़िहान के 41339 तथा लालगंज के 57288 किसानों ने योजना का लाभ लेने के लिए पंजीकरण कराया है। इनमें से बीते 17 अक्तूबर को जारी सम्मान निधि की 12वीं किस्त का लाभ 219407 किसानों को ही मिल सका है। इसका मुख्य कारण पंजीकृत किसानों में से 76252 द्वारा अपने आधार कार्ड को बैंक के खाते को लिंक नहीं कराना बताया जा रहा है।
इनके अलावा 32706 किसान ऐसे हैं, जिनके भूलेख या भूमि की खतौनी पोर्टल पर या तो अपलोड नहीं की गई अथवा वह शो नहीं कर रहा है। इसके साथ ही 21825 पंजीकृत किसान जांच में अपात्र पाए गए हैं। अपात्र लोगों में मृत व भूमिहीन किसान भी शामिल थे। जिन लोगों का डाटा अपडेट था, उनके खातों में सम्मान निधि की धनराशि भेज दी गई।
गांवों में इंटरनेट की समस्या भी है। किसानों का कहना है कि कभी साइबर कैफे का सर्वर डाउन रहता है तो कभी कोई और समस्या होती है। कई बार समय पर जानकारी ही नहीं मिल पाती है। कृषि विभाग का कहना है कि उनके कार्यालयों में जो किसान आए, उनकी सहायता की गई। हर विकास खंड व न्याय पंचायत स्तर पर यह जानकारी दी गई कि किसान अपने संबंधित क्षेत्र में ही सहज जनसेवा केंद्र, साइबर कैफे या समीपस्थ कृषि विभाग के केंद्र जाकर ई-केवाईसी करा लें। साथ ही बैंक खाते को आधार से लिंक कराने को भी कहा गया।
उप निदेशक कृषि अशोक उपाध्याय का कहना है कि किसान अपने भूलेख की जानकारी पोर्टल पर डालकर आधार से बैंक खाते को लिंक करा लें। इससे उनको सम्मान निधि का लाभ मिल सकता है। जिसकी जितनी किस्त बची होगी, कमियां दूर होने पर उन्हें योजना का लाभ मिल सकता है।