मिर्जापुर। मंडलीय अस्पताल परिसर में शव रखने के लिए आया डीप फ्रीजर बाहर पड़ा होने से खराब हो रहा था। शनिवार को उसे मॉर्च्यूरी की दीवार तोड़कर उसके अंदर रखवा दिया गया।
शुक्रवार को सीडीओ विशाल कुमार ने निरीक्षण के दौरान डीप फ्रीजर मॉर्च्यूरी में रखवाने का निर्देश दिया था। उनके निर्देश पर शनिवार को मोर्चरी की दीवार तोड़कर डीप फ्रीजर उसके अंदर रख दिया गया। शव रखने के लिए मंडलीय अस्पताल में डीप फ्रीजर नहीं था। इसके चलते अस्पताल में शव पड़ा होने पर दुर्गंध आती थी। तीन माह पहले डीप फ्रीजर आया था, परंतु वह मंडलीय अस्पताल के मॉर्च्यूरी के बाहर रखा था। बाहर पड़ा डीप फ्रीजर खराब हो रहा है। सीएमओ कार्यालय द्वारा डीप फ्रीजर मंडलीय अस्पताल को हैंडओवर नहीं किया गया था। इस कारण से बाहर पड़ा डीप फ्रीजर खराब हो रहा था। सीडीओ विशाल कुमार ने शुक्रवार को मेडिकल काॅलेज के अधीन मंडलीय अस्पताल की इमरजेंसी के अलावा लू तथा गर्मी से पीड़ित मरीजों के लिए बने अलग वार्ड का निरीक्षण किया था। इस दौरान मरीजों से बात कर सुविधाओं के बारे में जानकारी ली थी। मौके पर मौजूद मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डाॅ. आरबी कमल ने बताया कि गर्मी और लू से पीड़ित मरीजों के लिए बने 18 बेड के वार्ड में चार एसी लगाए गए हैं। निरीक्षण के दौरान दो मरीज भर्ती मिले। सीडीओ ने उनसे बात की। इसके बाद वे मॉर्च्यूरी पहुंचे। तब तक डीप फ्रीजर चालू हो गया था। जांच के बाद उन्होंने डीप फ्रीजर मॉर्च्यूरी के अंदर रखने का निर्देश दिया था। सीडीओ ने अस्पताल के व्यवस्था पर नाराजगी जताई थी।