मिर्जापुर। जिले के कई पुलों पर रात में अंधेरा रहने से समस्या बढ़ती जा रही है। कई जगह पुलों पर रात में राहजनी की कोशिशें की चुकी हैं, लेकिन जिम्मेदार चुप्पी साधे हुए हैं।
जिले को वाराणसी, जौनपुर व प्रयागराज मार्ग से जोड़ने वाले शास्त्री पुल की दशा सबसे खराब है। इस पुल पर प्रकाश व्यवस्था पर लाखों रुपये खर्च हो चुके हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। इस पुल की सुंदरता बढ़ाने के लिए करीब तीन साल पहले 68 लाख रुपये खर्च कर फैंसी व डिजाइनिंग लाइटें लगवाई गई थीं। जो रात में दूर से ही पुल की शोभा बढ़ाती थीं, लेकिन फैंसी लाइटें अधिक दिन तक नहीं चल सकी। वर्तमान में डिजाइनिंग लाइटें तो दूर सामान्य लाइट भी नहीं जलती है। रात के सम पुल पर अंधेरा रहता है। भटौली पुल पर भी अंधेरा छाया रहता है। इसके अलावा नगर के संगमोहाल में बने फ्लाईओवर पर अंधेरा रहता है। यहां प्रकाश व्यवस्था के लिए कई बार आवाज भी उठाई गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। नरायनपुर-मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग के एनएच सात पर बहादुरपुर, शेरपुर, रैपुरिया, विशेषरपुर माफी गांव के सामने फ्लाईओवर बना हुआ है। प्रकाश की व्यवस्था तो है, परंतु कभी-कभी बिजली नहीं रहने से अंधेरा रहता है।
उधर, मिश्रपुर-जिगना मार्ग पर जिगना में बने 750 मीटर ओवरब्रिज पर रात में हमेशा अंधेरा रहता है। कई बार उचक्के छिनैती की घटना को अंजाम दे चुके हैं। लगभग 10 वर्ष पहले जब पुल का निर्माण हुआ था, तब से मात्र एक बार टेस्टिंग के लिए बल्ब जला था। उसके बाद कभी बल्ब नहीं जला। उधर, पाली-हरगढ़ मार्ग व बिहसड़ा-नीबीगहरवार मार्ग पर रेलवे की तरफ से बनाए गए भूमिगत पुल पर भी प्रकाश की व्यवस्था नहीं है।क्षेत्रीय नागरिकों द्वारा प्रकाश की व्यवस्था की मांग की गई, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। चुनार के बालूघाट स्थित पक्का पुल शाम होते ही अंधेरे में डूब जाता है। लोग पुल से गुजर रहे दो पहिया, चार पहिया वाहनों की रोशनी में लोग पुल पार करते हैं। पुल पर अंधेरा होने के चलते दुर्घटना की आशंका बनी रहती है, वहीं छिनैती की घटना का भी डर बना रहता है। स्थानीय लोगों द्वारा लंबे समय से पुल पर प्रकाश व रेलिंग लगाने आदि की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ।
सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक आरएस उपाध्याय का कहना है कि शास्त्री सेतु की मरम्मत के लिए बिजली के खंबे हटाए गए थे। अब मरम्मत हो गई है तो खंबे लगाए जा रहे हैं। शीघ्र ही प्रकाश व्यवस्था होगी। अन्य पुल सेतु निगम के दायरे में नहीं आते हैं।