स्मारक घोटाले की जांच कर रही लखनऊ विजिलेंस की टीम शनिवार को देर शाम जिले में धमकी। चार सदस्यीय टीम के सदस्यों ने अहरौरा व अदलहाट में भ्रमण कर पट्टा धारकों व मजदूरों से बयान लिया। विजिलेंस के आने की खबर लगते ही घोटाला करने वाले लोगों में अफरा तफरी मची है।
बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के कार्यकाल में चुनार, अदलहाट, अहरौरा, पड़री, समेत अन्य इलाके से गुलाबी पत्थरों की सप्लाई लखनऊ में बनाए गए अंबेडकर पार्क हुई थी। पत्थर सप्लाई में हुए घोटाले की कुछ लोगों ने लोकायुक्त के यहां शिकायत की थी।
शिकायत पर लोकायुक्त ने जांच किया था। जांच में स्मारक घोटाला पाए जाने पर लोकायुक्त ने अपराध शाखा लखनऊ में मामला दर्ज कराया था। जांच के तथ्यों से लोकायुक्त को अवगत कराने के बाद शासन को रिपोर्ट दी गई थी। शासन के निर्देश पर विजिलेंस की टीम ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर जांच कर रही है।
शनिवार को एक बार फिर लखनऊ विजिलेंस की एक टीम अदलहाट व अहरौरा के पहाड़ों में मजदूरी करने वाले मजदूरों व पट्टा धारकों समेत अन्य समितियों व ग्रामीणों से पूछताछ कर बयान अंकित कर रही है। जिससे खनन कर्ताओं में हड़कंप मचा हुआ है। टीम में रविंद्र कुमार सिंह, रामनारायण, विनय सिंह व मधुप मिश्रा शामिल रहे।